- एक्ट्रेस तृषा पर टिप्पणी को लेकर बीजेपी नेता खुशबू सुंदर ने डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन को जमकर सुनाया
- खुशबू सुंदर ने कहा कि उदयनिधि स्टालिन को खुद को नेता कहहते हुए शर्म आनी चाहिए
- उन्होंने एक्ट्रेस तृषा के बारे में स्टालिन के कमेंट को 'महिलाओं के प्रति नफरत भरा' बताया
तमिलनाडु सीएम विजय की दोस्त एक्ट्रेस तृषा को लेकर की गई कथित टिप्पणी को लेकर बीजेपी नेता और एक्ट्रेस खुशबू सुंदर ने डीएमके नेता उदयानिधि स्टालिन को जमकर सुनाया. उन्होंने उदयनिधि स्टालिन की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें खुद को नेता कहते हुए शर्म आनी चाहिए. उन्होंने एक्ट्रेस तृषा के बारे में स्टालिन के कमेंट को 'महिलाओं के प्रति नफरत भरा' बताया.
बता दें कि डीएमके नेता ने सोमवार को तंजावुर में कावेरी जल विवाद को लेकर हो रहे एक विरोध प्रदर्शन के दौरान उदयनिधि स्टालिन ने राज्य सरकार पर निशाना साधा. इसी दौरान भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने एक्ट्रेस तृषा का नाम लेकर नारे लगाए.आरोप है कि उदयनिधि ने एक आपत्तिजनक दोहरे अर्थ वाली टिप्पणी की, जिसे लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया.
यह महिलाओं के प्रति उनकी यह नफरत
इस घटना के बाद उदयनिधि को मंगलवार सुबह एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने समेत कई आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया. रात करीब 8 बजे पूछताछ के बाद उनको छोड़ दिया गया. स्टालिन की रिहाई के बाद NDTV से खास बातचीत में, बीजेपी की तमिलनाडु यूनिट की वाइस-प्रेसिडेंट खुशबू सुंदर ने कहा कि उन्होंने कई बार महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणी की है. महिलाओं के प्रति उनकी यह नफरत और भेदभाव DMK की "विरासत" का हिस्सा है.

DMK में महिलाओं के साथ बुरा बर्ताव होते देखा है
खुशबू सुंदर ने कहा कि उदयानिधि के इस कमेंट पर उनको बिल्कुल भी हैरानी नहीं हुई. वह इस तरह की महिलाओं के प्रति नफरत भरी और लिंग-भेद वाली बातें सुन चुकी हैं. उन्होंने कहा कि DMK में महिलाओं के साथ बुरा बर्ताव होते हुए भी उन्होंने देखा है. असल में उदयनिधि उसी उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं. बीजेपी नेता ने कहा कि उनको उदयनिधि स्टालिन से ऐसी उम्मीद नहीं थी. उनका लगा था कि वे युवा हैं और विपक्ष के नेता हैं. वह पूर्व डिप्टी सीएम और युवा मामलों के मंत्री रह चुके हैं, लगा था कि वे अलग होंगे. लेकिन उदयनिधि स्टालिन इस तरह के बहुत ही भद्दे, घटिया और अशिष्ट बयान दे रहे हैं, उनको इसका जरा भी पछतावा नहीं है.

'आपको यह जन्मसिद्ध अधिकार किसने दिया?'
BJP नेता खुशबू सुंदर ने पूछा कि राजनीतिक फायदे के लिए महिलाओं को कब तक अपशब्द कहे जाते रहेंगे. "आपको (स्टालिन) किसी सार्वजनिक मंच पर महिला को अपशब्द कहने का जन्मसिद्ध अधिकार किसने दिया? उन्होंने गुस्से में कहा कि ये सिर्फ उदयनिधि स्टालिन की बात नहीं है, यह सभी राजनीतिक पार्टियों में होता है. अपनी बात साबित करने के लिए आप कब तक किसी महिला को अपशब्द कहते रहेंगे? किसी महिला के बारे में इतनी अपमानजनक बातें करने के लिए, किसी महिला के कंधे पर बंदूक रखकर यह कहने के लिए कि 'मैं मजबूत आदमी हूं, मैं नेता हूं', एक आदमी को कितना कमजोर होना पड़ता है? खुद को नेता कहने पर आपको शर्म आनी चाहिए."
DMK नेता ने महिलाओं को 'आइटम' कहा था
खुशबू सुंदर ने DMK नेता सादिक का वह कमेंट भी याद दिलाया, जब उन्होंने दूसरी महिलाओं को 'आइटम' कहा था और उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था.लेकिन कुछ महीनों बाद ही उन्हें फिर से पार्टी में शामिल कर लिया गया. बीजेपी नेता ने कहा कि उदयनिधि स्टालिन भी उसी तरह के हैं. बीजेपी नेता ने चुनौती देते हुए कहा , "अगर आपमें हिम्मत है, अगर आप खुद को नेता कहते हैं, तो किसी महिला को गाली दिए बिना सामने आइए. देखते हैं कि आप ऐसा कर पाते हैं या नहीं."
उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग ताली बजा रहे हैं,सीटी बजा रहे हैं, वे आम जनता नहीं हैं. ये आपके अपने 'चमचे' हैं जो हूटिंग, ताली और सीटी बजा रहे हैं. आप एक महिला का अपमान होते देखकर मजा ले रहे हैं. यह आपकी महिलाओं के प्रति नफरत भरी और गंदी सोच को दिखाता है.
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