अमित शाह को संसद में ना बोलने देने पर हंगामा
नई दिल्ली:
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को आरोप लगाया कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को संसद में असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के मुद्दे पर बोलने की अनुमति नहीं देकर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने लोकतंत्र की हत्या की है. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कांग्रेस और सोनिया गांधी से देश में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की. उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में भाजपा की बढ़ती ताकत से घबरायी हुई है. वहीं संवाददाता सम्मेलन में मौजूद केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में यह नयी गिरावट है कि विपक्ष के सदस्यों ने अमित शाह को बोलने की अनुमति तक नहीं दी.
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जावडेकर ने विपक्ष पर इस बात के लिये हमला बोला कि राज्यसभा में जब शाह बोलने के लिये खड़े हुए तो विपक्षी सदस्यों ने विरोध करना शुरू कर दिया. इसके बाद सदन की कार्यवाही दिनभर के लिये स्थगित कर दी गई. गौरतलब है कि अमित शाह ने मंगलवार को कहा था कि भाजपा सरकार में एनआरसी पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को लागू करने का साहस है और पूर्ववर्ती कांग्रेसी सरकार में यह साहस नहीं था. इसको लेकर विपक्ष ने कल भी हंगामा किया था.
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जावडेकर ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने जानबूझकर आपत्तियां जताईं ताकि शाह को भाषण पूरा करने से रोका जा सके. सदन के किसी सदस्य को बोलने से रोकना लोकतंत्र की हत्या है. उन्होंने कहा कि अवैध प्रवासियों की पहचान करने के लिये असम समझौते पर तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने हस्ताक्षर किया था. शाह ने सिर्फ इतना कहा कि भाजपा एनआरसी को लागू कर रही है जो समझौते की आत्मा है. जावडेकर ने दावा किया कि यहां तक कि इंदिरा गांधी ने भी 1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद हालात सामान्य होने पर बांग्लादेशियों को अपने देश लौट जाने को कहा था.
VIDEO: NRC के ड्रॉफ्ट को लेकर क्यों हो रहा है हंगामा.
जावडेकर ने कहा कि हम अब एनआरसी और देश से घुसपैठियों को निकालने के बारे में सोनिया गांधी का रुख जानना चाहते हैं. जावडेकर ने तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी के उस कथित बयान की भी निंदा की जिसमें उन्होंने कहा था कि एनआरसी में 40 लाख से अधिक लोगों के नाम शामिल नहीं किये जाने से देश में गृह युद्ध छिड़ सकता है. उन्होंने कहा कि शाह 11 अगस्त को कोलकाता में एक रैली में शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस ने इसके लिये अनुमति देकर भाजपा पर कोई कृपा नहीं की है. (इनपुट भाषा से)
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जावडेकर ने विपक्ष पर इस बात के लिये हमला बोला कि राज्यसभा में जब शाह बोलने के लिये खड़े हुए तो विपक्षी सदस्यों ने विरोध करना शुरू कर दिया. इसके बाद सदन की कार्यवाही दिनभर के लिये स्थगित कर दी गई. गौरतलब है कि अमित शाह ने मंगलवार को कहा था कि भाजपा सरकार में एनआरसी पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को लागू करने का साहस है और पूर्ववर्ती कांग्रेसी सरकार में यह साहस नहीं था. इसको लेकर विपक्ष ने कल भी हंगामा किया था.
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जावडेकर ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने जानबूझकर आपत्तियां जताईं ताकि शाह को भाषण पूरा करने से रोका जा सके. सदन के किसी सदस्य को बोलने से रोकना लोकतंत्र की हत्या है. उन्होंने कहा कि अवैध प्रवासियों की पहचान करने के लिये असम समझौते पर तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने हस्ताक्षर किया था. शाह ने सिर्फ इतना कहा कि भाजपा एनआरसी को लागू कर रही है जो समझौते की आत्मा है. जावडेकर ने दावा किया कि यहां तक कि इंदिरा गांधी ने भी 1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद हालात सामान्य होने पर बांग्लादेशियों को अपने देश लौट जाने को कहा था.
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जावडेकर ने कहा कि हम अब एनआरसी और देश से घुसपैठियों को निकालने के बारे में सोनिया गांधी का रुख जानना चाहते हैं. जावडेकर ने तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी के उस कथित बयान की भी निंदा की जिसमें उन्होंने कहा था कि एनआरसी में 40 लाख से अधिक लोगों के नाम शामिल नहीं किये जाने से देश में गृह युद्ध छिड़ सकता है. उन्होंने कहा कि शाह 11 अगस्त को कोलकाता में एक रैली में शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस ने इसके लिये अनुमति देकर भाजपा पर कोई कृपा नहीं की है. (इनपुट भाषा से)
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BJP Accused Opposition For Not Allowing Amit Shah To Speak