- असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है.
- कांग्रेस नेतृत्व ने इस्तीफा वापस लेने की कोशिश की, लेकिन भूपेन बोरा ने इसे ठुकरा दिया है.
- असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भूपेन बोरा से मुलाकात कर 22 फरवरी को BJP में शामिल होने की घोषणा की.
Bhupen Borah Resign Row: असम में कुछ महीनों बाद होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उनके इस्तीफे के बाद कांग्रेस के कई नेताओं ने उनसे मुलाकात की, उन्हें मनाने की कोशिश की. प्रभारी जितेंद्र सिंह ने मीडिया के सामने घोषणा तक कर दी कि भूपेन बोरा अपना इस्तीफा वापस ले रहे हैं. जितेंद्र सिंह ने यह भी कहा था कि राहुल गांधी ने फोन पर भूपेन बोरा से बात की है. जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा वापस लेने का फैसला किया. लेकिन NDTV ने सोमवार शाम में ही बता दिया था भूपेन बोरा कांग्रेस से इस्तीफा वापस नहीं ले रहे हैं. अब NDTV की इस खबर पर पुष्टि लग गई है.
घर जाकर भूपेन से मिले असम CM, बोले- 22 को BJP में शामिल होंगे बोरा
मंगलवार शाम असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा से मुलाकात की. असम सीएम गुवाहाटी के घोरमारा इलाके में बोरा के आवास पर पहुंचे, जहां उनकी पत्नी और बेटे ने मुख्यमंत्री की आरती की और स्वागत किया. मुलाकात के बाद असम सीएम ने घोषणा की कि भूपेन बोरा 22 फरवरी को बीजेपी ज्वाईन करेंगे.

असम CM बोले- कांग्रेस के आखिरी 'मान्यता प्राप्त हिंदू' नेता ने कांग्रेस छोड़ दी
असम में कांग्रेस के आखिरी मान्यता प्राप्त हिंदू नेता ने कांग्रेस छोड़ दी है. उन्हें BJP में पूरा सम्मान मिलेगा. उनके शामिल होने से BJP मजबूत होगी. कांग्रेस अब असम की पार्टी नहीं रही. भाजपा आसानी से सरकार बनाएगी, हम पूरी गंभीरता से चुनाव लड़ेंगे और कांग्रेस को कितने वोट मिलेंगे, इस पर मुझे कोई ध्यान नहीं है.
अब असम कांग्रेस में जो भी बड़े हिंदू नेता बचे हैं, वे या तो किसी राजनीतिक राजघराने के वंशज हैं या उनकी राजनीति गैर-हिंदू वोटों पर निर्भर है। pic.twitter.com/QeIxanxTtZ
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) February 17, 2026
गौरव गोगोई दिमाग का इस्तेमाल नहीं करतेः हिमंता बिस्व सरमा
हिमंता ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई पर तीखा हमला करते हुए कहा कि गौरव गोगोई दिमाग का इस्तेमाल नहीं करते. उन्हें चुनाव प्रबंधकों के एक समूह से निर्देश मिलते हैं. कांग्रेस नेतृत्व अपरिपक्व है, उन्हें भूपेन बोरा द्वारा उठाए गए मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए था. केवल राहुल गांधी द्वारा असंतुष्ट नेता को फोन करने से काम नहीं चलेगा. उन्हें भूपेन बोरा को पार्टी में बनाए रखने के लिए वास्तविक प्रयास करने चाहिए थे.
मैंने भी वही दर्द सहा, जो भूपेन बोरा ने सहाः असम सीएम
हिमंता ने आगे कहा कि मैंने भी वही दर्द सहा है जो भूपेन बोरा ने सहा था. अगर वे आकर कहते कि हम सुधारात्मक कार्रवाई करेंगे, तो बात अलग होती. कांग्रेस को गंभीर समस्याएं हैं, लेकिन वे उनका समाधान नहीं करना चाहते, वे सिर्फ एक खास व्यक्ति को खुश करना चाहते हैं. रकीबुल हुसैन जैसे लोगों से असमिया जनता नफरत करती है, लेकिन कांग्रेस रकीबुल हुसैन जैसे लोगों को बढ़ावा दे रही है.
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