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निपाह वायरस को लेकर बंगाल में अलर्ट, जानें- क्या है ये नई मुसीबत, हर सवाल का जवाब

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामले सामने आए हैं. इसकी गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र और फोन कर हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया. जांच, निगरानी, इलाज और संक्रमण रोकथाम के लिए संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं.

निपाह वायरस को लेकर बंगाल में अलर्ट, जानें- क्या है ये नई मुसीबत, हर सवाल का जवाब

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामले सामने आने के बाद केंद्र सरकार सक्रिय हो गई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर और फोन पर बात कर हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है. स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार राज्य को तकनीकी, लॉजिस्टिक और प्रशासनिक मदद दे रही है. जांच, निगरानी, इलाज, संक्रमण रोकथाम और कंट्रोल से जुड़े सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं. राज्य सरकार को कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और अन्य रोकथाम उपायों को सख्ती से लागू करने की सलाह दी गई है.

निपाह वायरस क्या है?

निपाह वायरस (Nipah Virus) एक गंभीर और जानलेवा वायरल संक्रमण है, जो जानवरों से इंसानों में फैलता है. यह वायरस इंसान से इंसान में भी तेजी से फैल सकता है.

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के कितने मामले सामने आए हैं?

11 जनवरी 2026 को पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामले सामने आए हैं.

यह भी पढ़ें- पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के 2 संदिग्ध मिलने से हड़कंप, जानें Nipah Virus क्या है और कितना खतरनाक

ये मामले कहां और कैसे सामने आए?

ये संदिग्ध मामले VRDL लैब, ICMR–AIIMS कल्याणी में जांच के दौरान पहचाने गए हैं.

केंद्र सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?

मामलों की जानकारी मिलते ही केंद्र सरकार ने तुरंत पश्चिम बंगाल सरकार से संपर्क किया. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर हर संभव मदद का भरोसा दिया. स्वास्थ्य मंत्री ने फोन पर भी मुख्यमंत्री से बात कर केंद्र के सहयोग का आश्वासन दिया.

केंद्र सरकार राज्य को किस तरह की मदद दे रही है?

स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार राज्य को तकनीकी सहायता, लॉजिस्टिक सहयोग, प्रशासनिक मदद दे रही है.

जांच, निगरानी, इलाज, संक्रमण की रोकथाम और कंट्रोल से जुड़े सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं.

क्या कोई विशेष टीम राज्य में भेजी गई है?

हां. केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय संयुक्त आउटब्रेक रिस्पॉन्स टीम को पश्चिम बंगाल भेजा है.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
निपाह वायरस (Nipah Virus) एक गंभीर और जानलेवा वायरल संक्रमण है, जो जानवरों से इंसानों में फैलता है. यह वायरस इंसान से इंसान में भी तेजी से फैल सकता है.
11 जनवरी 2026 को पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामले सामने आए हैं.
ये संदिग्ध मामले VRDL लैब, ICMR–AIIMS कल्याणी में जांच के दौरान पहचाने गए हैं.
मामलों की जानकारी मिलते ही केंद्र सरकार ने तुरंत पश्चिम बंगाल सरकार से संपर्क किया. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर हर संभव मदद का भरोसा दिया. स्वास्थ्य मंत्री ने फोन पर भी मुख्यमंत्री से बात कर केंद्र के सहयोग का आश्वासन दिया.
स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार राज्य को तकनीकी सहायता, लॉजिस्टिक सहयोग, प्रशासनिक मदद दे रही है. जांच, निगरानी, इलाज, संक्रमण की रोकथाम और कंट्रोल से जुड़े सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं.
हां. केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय संयुक्त आउटब्रेक रिस्पॉन्स टीम को पश्चिम बंगाल भेजा है.
टीम में निम्न संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हैं: ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड पब्लिक हाइजीन, कोलकाता NIV पुणे NIE चेन्नई AIIMS कल्याणी वन्यजीव विभाग
राज्य सरकार को कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, अन्य रोकथाम उपायों को सख्ती से लागू करने की सलाह दी गई है.
हां. निपाह वायरस से जुड़ी केंद्र सरकार की सभी गाइडलाइंस राज्य के IDSP यूनिट को भेज दी गई हैं.
हां. NCDC, दिल्ली में स्थित पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर को सक्रिय कर दिया गया है.
स्वास्थ्य मंत्रालय लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और पश्चिम बंगाल सरकार के साथ मिलकर स्थिति की निगरानी और नियंत्रण पर काम कर रहा है.

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