बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ताबड़तोड़ प्रचार कर रही है. ममता से लेकर अभिषेक बनर्जी तक टीएमसी के हर नेता एक के बाद एक रैली और जनसभा को संबोधित कर रहे हैं. शनिवार को टीएमसी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने बीरभूम जिले में रैली की. इस दौरान उनके मंच पर आग लग गई. जानकारी के अनुसार, मच पर के एक खंभे से आग की लपटें निकलती हुई दिखाई दीं. जिससे अफरा-तफरा मच गई. हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.
लाभपुर में रैली करने आए थे अभिषेक
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बीरभूम जिले के लाभपुर में रैली संबोधित करने पहुंचे थे. इस दौरान अभिषेक बनर्जी के साथ टीएमसी के अन्य नेता भी थे. अभिषेक बनर्जी की चुनावी रैली समाप्त होने के तुरंत बाद मंच के एक हिस्से में आग लग गई. बताया गया कि अभिषेक बनर्जी और अन्य नेता लाभपुर की रैली के बाद मंच से नीचे उतरकर कार्यक्रम स्थल से बाहर जा रहे थे, तभी मंच के एक खंभे से आग की लपटें निकलती हुई दिखाई दीं.
अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल पर तैनात दमकल कर्मियों ने आग को फैलने से पहले ही बुझा दिया. उन्होंने बताया कि घटना के समय जनसभा में शामिल होने आई भीड़ भी वहां से जा चुकी थी. अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और आग लगने के कारण का पता लगाने के लिए जांच जारी है.
भाजपा को बताया दंगाइयों की पार्टी
बता दें कि लाभपुर में चुनावी रैली संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने भाजपा को ‘‘दंगाइयों की पार्टी'' करार दिया और उसपर राज्य में रामनवमी की रैलियों के दौरान हिंसा भड़काने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि बंगाल के लोग पारंपरिक रूप से सभी त्योहारों को सौहार्दपूर्वक मनाते आए हैं. क्या आपने दुर्गा पूजा, काली पूजा, जगद्धात्री पूजा, ईद, छठ पूजा, क्रिसमस या जैन समुदाय द्वारा निकाली जाने वाली शोभायात्रा के दौरान दंगे या झड़प की किसी घटना के बारे में सुना है? तो फिर रामनवमी जैसे पवित्र अवसर का उपयोग वे (भाजपा) हिंसा और अराजकता पैदा करने के लिए क्यों कर रहे हैं?''
डायमंड हार्बर से लोकसभा सांसद ने बिना किसी घटना का उल्लेख किए आरोप लगाया कि भाजपा का मतलब ‘‘उपद्रवी'' (होना) है. उन्होंने दावा किया कि भाजपा और इसके सहयोगी संगठन रामनवमी के जुलूसों में गुंडों को लाते हैं, जो तलवारें लहराते हैं और सार्वजनिक रूप से शराब पीते हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके अनुषंगी संगठनों से जुड़े रामनवमी के जुलूसों के दौरान ही हिंसा की खबर क्यों आती है? बंगाल में त्योहारों के अवसर पर सद्भाव और सौहार्द की परंपरा है.'' उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या के लोग 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को खारिज कर चुके हैं, यद्यपि उसने धर्म आधारित राजनीति की थी. उन्होंने आश्वस्त किया कि भाजपा को बंगाल और अन्य चुनावी राज्यों में भी यही नतीजा भुगतना होगा.
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