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योगी की स्‍टाइल में काम कर रहे बंगाल के CM शुभेंदु, धार्म‍िक स्‍थलों परे लगे लाउडस्पीकर पर ल‍िया बड़ा फैसला

शुभेंदु अधिकारी ने साफ कहा है कि पुलिस यह सुनिश्चित करे कि लाउडस्पीकरों की आवाज धार्मिक स्थलों से बाहर न जाए और प्रार्थना या आयोजनों की वजह से आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो.

योगी की स्‍टाइल में काम कर रहे बंगाल के CM शुभेंदु, धार्म‍िक स्‍थलों परे लगे लाउडस्पीकर पर ल‍िया बड़ा फैसला
  • शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस को धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की आवाज सीमित रखने के निर्देश दिए हैं.
  • CM शुभेंदु ने अधिकारियों को सड़कों पर धार्मिक आयोजनों के कारण जाम न बनने देने का आदेश दिया है.
  • सरकार ने पशु वध के लिए केवल नगर निगम के वधगृह या अधिकृत जगहों पर ही वध की अनुमति दी है.

पश्चिम बंगाल के CM शुभेंदु अधिकारी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तर्ज पर कानून‑व्यवस्था को लेकर सख्ती के संकेत दिए हैं. उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की आवाज को तय सीमा में रखा जाए और धार्मिक गतिविधियों के कारण सड़कों पर जाम की स्थिति न बनने दी जाए. हालांकि, आदेश में किसी खास धर्म, मस्जिद या नमाज़ का सीधा उल्लेख नहीं किया गया है.

शुभेंदु अधिकारी ने साफ कहा है कि पुलिस यह सुनिश्चित करे कि लाउडस्पीकरों की आवाज धार्मिक स्थलों से बाहर न जाए और प्रार्थना या आयोजनों की वजह से आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, सिवाय विशेष अवसरों के. ये निर्देश वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के लिए जारी दिशानिर्देशों के एक बड़े पैकेज का हिस्सा हैं. इनमें अवैध कोयला और रेत खनन, पशु तस्करी और महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर ‘जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाने की बात भी कही गई है.

खुली और सार्वजनिक जगह पर नहीं होगा पशु वध

सरकार ने अपने आदेश में कहा कि जिस पशु के संबंध में सर्टिफिकेट जारी किया गया है, उसका वध सिर्फ नगर निगम के वधगृह या स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित किसी अन्य वधगृह में ही किया जाएगा. जिन पशुओं के लिए सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जाता है उनका वध किसी भी खुली और सार्वजनिक जगह करने पर सख्त मनाही है.

शुभेंदु सरकार ने कहा है कि पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम, 1950 के प्रावधानों को लागू करने के लिए नगरपालिका के अध्यक्ष, पंचायत समिति के सभापति या सरकारी पशु चिकित्सक द्वारा अधिकृत व्यक्ति द्वारा किसी भी परिसर के निरीक्षण का कोई भी व्यक्ति विरोध नहीं करेगा. इन नियमों का उल्लंघन करने वाले को छह महीने तक की जेल या 1,000 रुपए तक का जुर्माना भुगतना होगा. 1950 अधिनियम के तहत सभी अपराध संज्ञेय होंगे.

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Shubhendu Adhikari Big Decision, Loudspeakers Banned In Bengal, West Bengal Religious Loudspeaker Rules
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