Karnataka CET Exam: कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) परीक्षा के दौरान कर्नाटक के एक परीक्षा सेंटर में छात्रों की सख्त चेकिंग हुई, इस दौरान जिन छात्रों ने जनेऊ पहना हुआ था, उन्हें इसे उतारने के लिए कहा गया. इस मामले को लेकर पूरे राज्य में चर्चा हो रही है, इसी बीच मामला हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है. कर्नाटक सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि 23 और 24 अप्रैल को आयोजित कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) के दौरान कुछ छात्रों से जबरन उनका जनेऊ उतरवाया गया और इस मामले की जांच शुरू हो चुकी है. इस पर कोर्ट ने भी सख्त टिप्पणी की है.
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
बार एंड बेंच की खबर के मुताबिक चीफ जस्टिस विभु बाखरु और जस्टिस सीएम पूनाचा की बेंच ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर तैनात स्टाफ को पहले से स्पष्ट और सही निर्देश दिए जाने चाहिए थे, जिससे ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती. फिलहाल कोर्ट ने कोई आदेश पारित नहीं किया है और सुनवाई को फिलहाल टाल दिया गया है.
किसने दायर की थी याचिका?
कर्नाटक के 'अखिल कर्नाटक ब्राह्मण महासंघ' की तरफ से ये याचिका दायर की गई थी. उनके वकील ने दावा किया है कि ये पहली बार नहीं हुआ है, ऐसी घटनाएं पहले भी कई बार हो चुकी हैं. अब याचिका दायर करने वालों को NEET परीक्षा को लेकर चिंता है, उनका कहना है कि 3 मई 2026 को होने वाली NEET परीक्षा में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अंतरिम निर्देश दिए जाएं.
कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण (KEA) ने भी रखा अपना पक्ष
इस मामले पर कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण (KEA) के वकील ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि राज्य के 700 से ज्यादा केंद्रों में से केवल दो केंद्रों पर ऐसी शिकायतें मिली हैं. उन्होंने दावा किया कि स्टाफ को ट्रेनिंग और निर्देश दिए गए थे, इन दो केंद्रों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और डिप्टी कमिश्नर की रिपोर्ट का इंतजार है. इसके अलावा सराकरी वकील ने कहा कि अब तक किसी भी छात्र ने ऐसी शिकायत खुद दर्ज नहीं कराई है. फिलहाल कोर्ट ने इस मामले को लेकर आदेश जारी नहीं किया है और टिप्पणी करते हुए टाल दिया है.
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