ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार चार से नौ जुलाई के बीच आयोजित किया जाएगा. इसमें देश दुनिया के सैकड़ों नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है. भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन शामिल होंगे. ईरान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया था. लेकिन पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों की वजह से वो इसमें शामिल नहीं होंगे. ईरान के निमंत्रण पर जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती और कांग्रेस के प्रतिनिधि के तौर पर की सलमान खुर्शीद भी इस समारोह में शामिल होंगी. इस साल 28 फरवरी को हुए अमेरिका और इजरायल के हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी.
क्या महबूबा मुफ्ती जाएंगी ईरान
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग के निदेशक मोहसीन कुम्मी ने महबूबा को भारत की विशिष्ट अतिथि के रूप में अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया है.यह निमंत्रण मिलने के बाद महबूबा ने कहा,''(ईरान से) यह निमंत्रण मिलना मेरे लिए बहुत बड़े सम्मान की बात है. यह जीवन में एक बार मिलने वाले अवसर जैसा है. मैं सर्वोच्च नेता को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए वहां जाऊंगी.''महबूबा को भेजे निमंत्रण पत्र में कहा गया है कि अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई 28 फरवरी को मारे गए थे और राष्ट्रीय शोक की अवधि एवं इस्लामी गणराज्य के प्रोटोकॉल के अनुरूप तीन से छह जुलाई तक तेहरान में राजकीय अंतिम संस्कार समारोह आयोजित किया जाएगा. इस्लामी गणराज्य ईरान और भारत गणराज्य के बीच गहरे ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंधों के मद्देनजर आपको भारत की विशिष्ट अतिथि के रूप में इस गरिमापूर्ण समारोह में आमंत्रित करना मेरे लिए बड़े सम्मान की बात है.
महबूबा मुफ्ती जम्मू कश्मीर की एकमात्र गैर शिया नेता हैं, जिन्हें यह निमंत्रण मिला है. ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के दौरान उन्होंने खुलकर ईरान का समर्थन किया था, जबकि भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर तटस्थ रुख अपनाया.उन्होंने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास जाकर भी खामेनेई की मौत पर शोक जताया था.
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ईरान के लिए सामान्य उड़ानें नहीं चल रही हैं. इसलिए ईरान सरकार ने मेहमानों के लिए विशेष विमान की व्यवस्था की है.
ईरान ने इस कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया था. लेकिन वो इसमें शामिल नहीं हो पाएंगे. प्रधानमंत्री मोदी छह से 11 जुलाई तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर रहेंगे. इस कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन करेंगे.
भारत में किन लोगों को मिला है समारोह का निमंत्रण
अंगरेजी अखबार 'द हिंदू' की एक खबर के मुताबिक ईरान ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और पार्टी के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा को भी अंतिम संस्कार समारोह के लिए निमंत्रण पत्र भेजा है. खबरों के मुताबिक कांग्रेस विदेश विभाग के प्रमुख और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद को अपने आधिकारिक प्रतितिनिधि बनाकर भेज सकती है.खेड़ा उन नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने ईरानी दूतावास पहुंचकर शोक संवेदना जताई थी.ईरान की ओर से बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन को भी इस कार्यक्रम का निमंत्रण भेजा गया है. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू ने ट्विटर पर बताया है कि उन्हें इस अंतिम समारोह में शामिल होने का निमंत्रण मिला है. लेकिन वो स्वास्थ्य कारणों से इसमें शामिल नहीं होंगे.
My reply to Ayatollah Mojtaba Khameini, the Supreme Leader of Iran, who invited me to the funeral ceremony in Tehran of late Ayatollah Ali Khameini
— Markandey Katju (@mkatju) July 1, 2026
His Eminence Ayatollah Mojtaba Khameini, the Supreme Leader of Iran
( Through the Iranian Ambassador to India, New Delhi )
Your…
समारोह में इराक, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, सीरिया, लेबनान, रूस, चीन और कई मध्य एशियाई देशों के प्रतिनिधिमंडलों के समारोहों में शामिल होने की उम्मीद है. पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ करेंगे.
कितने दिन तक चलेगा अंतिम संस्कार का कार्यक्रम
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक यह देश के इतिहास का सबसे बड़ा अंतिम संस्कार होगा. इसमें कई दिनों तक चलने वाले कार्यक्रम में डेढ़-दो करोड़ लोगों के शामिल होने की उम्मीद है. अनुमान लगाया जा रहा है कि यह इस्लामी गणराज्य के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के 1989 में हुए अंतिम संस्कार में शामिल हुए एक करोड़ लोगों के रिकॉर्ड को तोड़ देगा.
यह कार्यक्रम शनिवार को तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला प्रार्थना परिसर में अयातुल्ला अली खामेनेई के शव के अंतिम दर्शन के साथ शुरू होगा. ये समारोह सोमवार तक चलेगा. अयातुल्ला अली खामेनेई को छह जुलाई को तेहरान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. इससे पहले 10 किलोमीटर के मार्ग पर अंतिम संस्कार जुलूस निकाला जाएगा. सात जुलाई को पवित्र शहर कोम में, आठ जुलाई को इराक में और नौ जुलाई को मशहद में अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की जाएंगी.मशहद उनका गृह नगर है.इस दौरान कुछ धार्मिक अनुष्ठान इराक में भी किए जाएंगे. वहीं तीन जुलाई को उनके सम्मान में विदाई समारोह आयोजित किया जाएगा.
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