जयपुर से गिरफ्तार पाक आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ी महिला स्लीपर सेल बबीता धाकड़ को लेकर बड़ी बात सामने आई है. पाकिस्तानी हैंडलर्स ने भारत विरोधी सामग्री और वीडियो दिखाकर महिला का पूरी तरह से ब्रैनवॉश कर दिया. जानकारी के अनुसार, इसके बाद बबीता ने ऑनलाइन कलमा पढ़ा और अपना नाम बदलकर 'खदीजा' रख लिया. खुफिया एजेंसियों की इस कार्रवाई से जैश-ए-मोहम्मद उस नई और खतरनाक रणनीति का पर्दाफाश हुआ, जिसमें भारत में 'जमात-उल-मुमिनात' नाम से एक महिला विंग की शुरुआत की गई.
मकान बेचकर जयपुर चले गए लालाराम
जानकारी के अनुसार, महिला बबीता धाकड़ के पिता लालाराम धाकड़ गंगापुर सिटी की कर्मचारी कॉलोनी में रहते थे. वर्षों पहले यहां से मकान बेचकर जयपुर शिफ्ट हो गए. यह भी बात सामने आई कि बबीता की ससुराल हिंडोन में थी. जहां काफी समय से पति से अनबन के चलते तलाक की कार्रवाई चल रही है और बबीता अपने पिता के साथ लंबे समय से जयपुर ही रह रही थी. उसके पिता खादी विभाग में कार्यरत थे.
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गंगापुर सिटी में बबीता के पिता का पहले का मकान
Photo Credit: NDTV
प्रारंभिक जांच के अनुसार, बबीता कथित तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्लिकेशन के माध्यम से पाकिस्तानी आतंकवादी संचालकों के संपर्क में थी. एफआईआर के मुताबिक, बबीता के भारत में रहकर कोई राष्ट्रविरोधी गतिविधि में लिप्त होने की आशका है. ATS द्वारा गिरफ्तार बबीता के मोबाइल में दो सिमकार्ड मिले.
दुनिया धोखेबाज नाम से फेसबुक अकाउंट
इसके साथ ही मोबाइल में दुनिया धोखेबाज नाम (Dunia Dokhebaaz) नाम से एक संदिग्ध फेसबुक अकाउंट मिला. जिसकी प्रोफाइल में काफी सारे हथियार सहित प्रोफाइल फोटो लगी हुई नजर आई. बबीता के मोबाइल में लॉनिग फेसबुक अकाउंट में करीब 370 फ्रेंड जुड़े हुए हैं. इस अकाउंट पर अधिकतर पाकिस्तानी या भारत से बाहर के देशों के फेसबुक फ्रेंड्स हैं. इनमें से एक फेसबुकअकाउंट, जिसमें प्रतिबंधित आतकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का झण्डा लगा हुआ है. इसके मोबाइल वाट्सएप पर पाकिस्तानी और अफगानिस्तानी नंबर से चैट और कॉल की बात सामने आई.
जैश कमांडर से जुड़े होने की बात आई सामने
जानकारी के मुताबिक, बबीता धाकड़ के मोबाइल में जैश-ए-मोहम्मद कमांडर कारी जरार के नेटवर्क से जुड़े नंबर मिले हैं. कारी जरार का नाम जम्मू-कश्मीर के 2016 के नगरोटा सेना शिविर हमले के संबंध में सामने आया है. अधिकारियों ने जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मसूद अजहर के रिश्तेदार यूसुफ अजहर उर्फ गोरी से जुड़े व्यक्तियों के भी संबंध पाए हैं. यूसुफ अजहर पर 1999 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट आईसी-814 के अपहरण में संलिप्तता का आरोप है.
एटीएस के एसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि अभी जांच प्रारंभिक दौर में है जिससे अभी ये नहीं बता सकते कि वह वाकई कन्वर्ट हो गई थी या नहीं. अभी सारा साक्ष्य डिजिटल स्तर पर उपलब्ध है और उनकी पुष्टि होनी है. लेकिन प्रारंभिक तौर पर यह बात सामने आई है कि पिछले छह-सात महीनों से वे इसका धर्म परिवर्तन करवाना चाहते थे और उसकी मदद से भारत में घटनाएं करवाना चाहते थे.
महिला विंग चला रहा था जैश-ए-मोहम्मद
सोशल मीडिया पर ऐसे कुछ अकाउंट मिले हैं जो प्रतिबंधित संगठनों के लोग हैं. अभी यह जांच हो रही है कि क्या ये वही मूल लोग हैं. और साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि क्या ये ऐसे लोग हैं जिन्होंने पहले घटनाएं की हैं, वो चाहे जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य हों या वहां से जुड़े अन्य संगठन हैं जिन्होंने अपने नाम बदल लिए हैं.
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, जांच में जैश-ए-मोहम्मद की एक नई रणनीति का खुलासा हुआ है, जिसमें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से महिलाओं की भर्ती और उन्हें कट्टरपंथी बनाना शामिल है. अधिकारियों का आरोप है कि संगठन 'जमात-उल-मुमिनात' नामक एक महिला विंग चला रहा है, जिसका उद्देश्य महिलाओं और युवा लड़कियों की पहचान करना, उन्हें प्रभावित करना और स्लीपर सेल के सदस्यों के रूप में भर्ती करना है. जांचकर्ताओं का दावा है कि बबीता इस नेटवर्क की एक अहम कड़ी बन गई थी और कथित तौर पर सुरक्षा एजेंसियों के हस्तक्षेप से पहले अपने आकाओं द्वारा तय किए गए मार्ग से पाकिस्तान भागने की तैयारी कर रही थी.
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