असम विधानसभा चुनाव के बाद अब राज्य में सियासी तस्वीर साफ होने का इंतजार है. असम की सभी 126 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान कराया गया था, जिसमें मतदाताओं ने भारी उत्साह दिखाया. राज्य में 85.91 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई, जो ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में मजबूत जनभागीदारी को दर्शाती है.
चुनाव नतीजों से पहले आज एग्जिट पोल सामने आने वाले हैं. NDTV पर महा एग्जिट पोल के जरिए असम की जमीनी स्थिति, वोटिंग ट्रेंड और आंकड़ों के विश्लेषण के साथ संभावित नतीजों की पूरी तस्वीर पेश की जाएगी. सत्ता में वापसी या बदलाव, क्षेत्रीय बनाम राष्ट्रीय दलों का प्रदर्शन और गठबंधन की भूमिका इन सभी सवालों के जवाब एग्जिट पोल में तलाशे जाएंगे.
शाम 6:30 बजे के बाज आएंगे एग्जिट पोल
चुनाव आयोग के दिशा‑निर्देशों के मुताबिक, आखिरी चरण की वोटिंग खत्म होने के कम से कम 30 मिनट बाद ही एग्जिट पोल दिखाने की अनुमति होती है. तय समय के बाद ही असम समेत अन्य राज्यों के एग्जिट पोल के आंकड़े सार्वजनिक किए जाएंगे.
रिकॉर्ड वोटिंग के बाद असम में राजनीतिक हलकों की धड़कनें तेज हैं. अब सबकी नजरें 4 मई को होने वाली मतगणना और उससे पहले आज शाम आने वाले एग्जिट पोल पर टिकी हैं, जो नतीजों की दिशा का पहला संकेत देंगे.
Assam Exit Poll Result LIVE: कैसे चर्चा में आया ‘चिपरांग पॉलिटिक्स’ से जुड़ा विवाद
असम में ‘चिपरांग पॉलिटिक्स’ से जुड़ा विवाद उस समय और भड़क गया जब सत्तारूढ़ दल के विधायक दिगंता कलिता का एक कथित फोन ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. इस ऑडियो में कलिता पर आरोप है कि वह ‘चिपरांग पॉलिटिक्स’ में शामिल बताए जा रहे एक व्यक्ति को धमका रहे हैं. ऑडियो में कथित तौर पर झूठे ड्रग्स केस में फंसाने और जेल भेजने जैसी बातें कही गईं, जिसके बाद राज्य की राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं.
मतगणना से ठीक पहले उठे इस विवाद ने असम की राजनीति में अंदरूनी तनाव और गुटबाज़ी को उजागर कर दिया है. अब सबकी नजरें 4 मई को आने वाले चुनावी नतीजों और उसके बाद होने वाली सियासी हलचलों पर टिकी हैं.
Assam Exit Poll Results 2026 LIVE: असम में ‘चिपरांग पॉलिटिक्स’ पर सियासी घमासान, बीजेपी ने पार्टी नेताओं को दी अनुशासन की चेतावनी
असम में 2026 विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले सियासी माहौल और गरमा गया है. राज्य में ‘चिपरांग पॉलिटिक्स’ को लेकर छिड़ा विवाद अब सिर्फ राजनीतिक मुहावरा नहीं, बल्कि अंदरूनी गुटबाज़ी और कथित विश्वासघात के आरोपों का प्रतीक बनता जा रहा है. इस पूरे घटनाक्रम ने सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष दोनों खेमों में खलबली मचा दी है.
‘चिपरांग’ असमिया भाषा का शब्द है, जिसका मतलब क्रोबार या लोहे की रॉड से होता है. मौजूदा राजनीतिक संदर्भ में यह शब्द उन नेताओं या कार्यकर्ताओं के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जिन पर अपने ही दल के उम्मीदवार को हराने के लिए गुपचुप तरीके से विरोधियों से हाथ मिलाने या भीतरघात करने का आरोप है. ऐसे लोगों को सियासी हलकों में ‘गद्दार’ तक कहा जा रहा है.