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गंगा एक्सप्रेसवे बढ़ाएगा यूपी में मुनाफे की रफ्तार, जानें कैसे और कहां से 1 लाख करोड़ का होगा फायदा

Ganga Expressway News Today: गंगा एक्सप्रेसवे न केवल वाहनों को तेज रफ्तार देगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी तेज गति देगा. लॉजिस्टिक्स, रोजगार, इंडस्ट्रिलय क्लस्टर जैसे क्षेत्रों में बड़ा असर दिखेगा.

गंगा एक्सप्रेसवे बढ़ाएगा यूपी में मुनाफे की रफ्तार, जानें कैसे और कहां से 1 लाख करोड़ का होगा फायदा
Ganga Expressway Route: गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन
नई दिल्ली:

गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की आर्थिक तरक्की की नई इबारत लिखेगा. अनुमान है कि इससे यूपी की जीडीपी में 1 लाख करोड़ रुपये का इजाफा होगा. सामान की तेज आवाजाही से 25 से 30 हजार करोड़ रुपये की बचत लॉजिस्टिक्स में होगी. गंगा एक्सप्रेसवे को मिलाकर यूपी में अब तक 9 एक्सप्रेसवे तैयार हो चुके हैं. जबकि 13 और एक्सप्रेसवे अभी निर्माणाधीन हैं. इससे पहले पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे भी यूपी की इकोनॉमी को बड़ा बूस्ट देने वाले साबित हुए हैं. 

1. गंगा एक्सप्रेसवे से परिवहन के समय में भारी कमी

भारतीय अर्थव्यवस्था में किसी भी उत्पाद की कीमत का एक बड़ा हिस्सा (लगभग 14%) लॉजिस्टिक्स पर खर्च होता है. लॉजिस्टिक्स यानी माल ढुलाई और आपूर्ति में खर्च पैसा. मेरठ से प्रयागराज का सफर जो पहले 14-15 घंटे लेता था, अब मात्र 6-7 घंटे में पूरा होगा. सीधे और आसान रास्ते से भारी वाहनों के ईंधन की खपत में 20-25% की कमी आएगी, जिससे माल ढुलाई सस्ती होगी.

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2. गंगा एक्सप्रेसवे किनारे औद्योगिक गलियारे (Industrial Corridors) 

यूपी सरकार गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे इंडस्ट्रियल हब और लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित कर रही है. हापुड़ और मेरठ में टेक्सटाइल, संभल और बदायूं में कृषि  उद्योग और उन्नाव-हरदोई में लेदर और फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को बढ़ावा मिलेगा.अनुमान है कि इस एक्सप्रेसवे के चलते अगले 5 वर्षों में इन 12 जिलों में 50,000 करोड़ से अधिक का निजी निवेश आ सकता है.

3. गंगा एक्सप्रेसवे से कृषि अर्थव्यवस्था को फायदा

गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के सबसे उपजाऊ क्षेत्रों (गंगा-यमुना दोआब) से होकर गुजरता है. फल, सब्जी और दूध जैसे जल्दी खराब होने वाले उत्पादों को अब लखनऊ, दिल्ली या प्रयागराज की मंडियों तक तेजी से पहुंचाया जा सकेगा. किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलेगा क्योंकि बिचौलियों की भूमिका कम होगी और सीधी बाजार पहुंच बढ़ेगी.

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4. रियल एस्टेट और शहरीकरण

गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित छोटे कस्बों में जमीन की कीमतें पिछले 2-3 वर्षों में 3 से 4 गुना तक बढ़ चुकी हैं. 12 जिलों में नई रिहायशी टाउनशिप और वेयरहाउसिंग सुविधाओं के विकास से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे. निर्माण के दौरान लाखों दिनों का रोजगार मिला है. अब संचालन के दौरान टोल, मेंटेनेंस और रेस्टोरेंट, फ्यूल पंप आदि से हजारों स्थानीय लोगों को स्थायी रोजगार मिलेगा.

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5. गंगा एक्सप्रेसवे से पर्यटन पर असर

गंगा एक्सप्रेसवे प्रयागराज (कुंभ), वाराणसी (लिंक रोड के जरिए) और मेरठ (हस्तिनापुर) जैसे धार्मिक एवं ऐतिहासिक केंद्रों को जोड़ता है. इससे पश्चिमी यूपी और दिल्ली से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में 30-40% की वृद्धि होने का अनुमान है, जिससे होटल और स्थानीय पर्यटन उद्योग को सीधा लाभ होगा.  हापुड़ का गढ़मुक्तेश्वर, संभल का कल्कि धाम, प्रतापगढ़ का बेल्हा देवी धाम, उन्नाव का चंद्रिका देवी शक्ति पीठ, प्रयागराज में संगम और बदायूं में हनुमंत धाम जैसे तीर्थस्थल का दर्शन करना भी आसान हो जाएगा.

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