- असम जातीय परिषद की उम्मीदवार कुंकी चौधरी को गुवाहाटी सेंट्रल सीट पर चुनावी रैली में विरोध का सामना करना पड़ा.
- हिमंत बिस्वा सरमा ने कुंकी चौधरी की मां पर बीफ खाने की तस्वीरें साझा करने और विवादित पोस्ट का आरोप लगाया.
- CM ने AJP पर सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं के खिलाफ उम्मीदवार उतारने का आरोप लगाते हुए राजनीतिक तनाव बढ़ाया.
बीफ विवाद के बाद असम जातीय परिषद (AJP) की गुवाहाटी सेंट्रल सीट से उम्मीदवार और राज्य की सबसे युवा प्रत्याशी कुंकी चौधरी को शुक्रवार रात गुवाहाटी में आयोजित उनकी चुनावी रैली के दौरान हल्के विरोध का सामना करना पड़ा. पार्टी ने इस विरोध के लिए समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया है. गुवाहाटी सेंट्रल में आयोजित रैली के दौरान दर्शकों के एक वर्ग ने कुंकी चौधरी के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शनकारी 'AJP वापस जाओ' के नारे लगा रहे थे.
'हिंदू‑विरोधी रुख के खिलाफ खुलकर बोल रहे हैं...'
वहीं, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की ओर से AJP और उसकी उम्मीदवार कुंकी चौधरी पर किए गए हमले से राज्य में राजनीतिक तनाव और गहरा गया है. कैबिनेट मंत्री पीयूष हजारिका ने रैली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा, “आखिरकार लोग INDI गठबंधन के हिंदू‑विरोधी रुख के खिलाफ खुलकर बोल रहे हैं. इन्होंने ऐसी उम्मीदवार को मैदान में उतारा है, जिसके परिवार ने सार्वजनिक रूप से बीफ खाते हुए तस्वीरें साझा की हैं. हिंदुओं को यह लोग हल्के में क्यों लेते हैं? क्या कभी ‘अल्पसंख्यकों' के साथ ऐसा करने की हिम्मत करेंगे?”
इसके बाद कुंकी चौधरी ने अपनी रैली की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं. इन तस्वीरों में उनके साथ AJP अध्यक्ष लुरिनज्योति गोगोई और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई भी नजर आए. कुंकी ने एक्स पोस्ट में लिखा, “आज फैंसी बाजार के जेल गेट पर भारी भीड़ उमड़ी, जब लुरिनज्योति गोगोई और गौरव गोगोई गुवाहाटी सेंट्रल के लिए एक साथ आए. इस उत्साह और जनता की स्वतःस्फूर्त प्रतिक्रिया से क्षेत्र में बदलाव और विकास की प्रबल इच्छा झलकती है.”
भाजपा-AJP के बीच टकराव
बीफ विवाद अब राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है और भाजपा-AJP के बीच नए टकराव का कारण बन रहा है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने AJP पर आरोप लगाया कि वह ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतार रही है, जिनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि और कथित वैचारिक झुकाव असम के बहुसंख्यक समुदाय की सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं के विपरीत हैं.
उन्होंने विशेष रूप से कुंकी चौधरी की मां, सुजाता गुरुंग का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर बीफ़ खाते हुए अपनी तस्वीरें साझा की थीं, जिसे मुख्यमंत्री ने “सनातन मूल्यों के विरुद्ध” बताया.
सरमा ने यह भी आरोप लगाया कि गुरुंग ने पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं और भगवान कृष्ण में आस्था पर सवाल उठाने वाली पोस्ट की थीं, और शरजील इमाम तथा उमर खालिद जैसे विवादित व्यक्तियों के प्रति समर्थन जताया था. इसके अलावा, उन्होंने ऐसे बयान भी दिए थे जिनसे भारत‑पाकिस्तान संबंधों को लेकर प्रचलित धारणा पर संदेह उत्पन्न होता है. मुख्यमंत्री ने इन मुद्दों को मतदाताओं के लिए “गंभीर चिंता” का विषय बताया.
26 वर्षीय कुंकी चौधरी 2026 के असम विधानसभा चुनावों में सबसे कम उम्र की उम्मीदवार हैं और वे गुवाहाटी सेंट्रल की हाई‑प्रोफाइल सीट से चुनाव लड़ रही हैं. उनकी पार्टी ने मुख्यमंत्री के आरोपों को “पूरी तरह बेबुनियाद” बताते हुए कहा कि चुनावी बहस का केंद्र युवाओं का रोजगार, नागरिक सुविधाएं और सुशासन जैसे मुद्दे होने चाहिए.
वहीं कुंकी चौधरी ने भी इन आरोपों को खारिज किया. उन्होंने कहा, “मुझे पता चला है कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मीडिया से बातचीत के दौरान मेरी मां और मुझ पर झूठे आरोप लगाए हैं. ऐसा प्रतीत होता है कि उन्होंने गुवाहाटी सेंट्रल सीट पर अपनी हार स्वीकार कर ली है. मैं सिर्फ 15 दिन पहले राजनीति में आई हूं और असम व गुवाहाटी सेंट्रल के लोगों से मुझे लगातार समर्थन और प्यार मिल रहा है.”
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