विज्ञापन

नाराजगी या कुछ और... असम से कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से दिया इस्तीफा

अपने इस्तीफे से पहले कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने असम के प्रभारी जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर पार्टी के एक विधायक को अपराधी बताते हुए टिकट नहीं देने की मांग की थी. नौगांव सीट से लगातार दो बार के सांसद प्रद्युत असम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता माने जाते हैं. 

नाराजगी या कुछ और... असम से कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से दिया इस्तीफा
सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने कांग्रेस पार्टी से दिया इस्तीफा
  • बोरदोलोई ने पार्टी हाईकमान को पत्र लिखकर विधायक आसिफ़ नज़र का टिकट काटने की मांग की थी
  • पुलिस जांच में पता चला कि विधायक आसिफ़ नज़र के करीबी ने बोरदोलोई पर हमला करवाया था
  • असम के सीएम ने बोरदोलोई को बीजेपी में शामिल होने का ऑफर दिया है, जो उनके इस्तीफे के बाद चर्चा में है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

असम से कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. बोरदोलोई का यह इस्तीफा कांग्रेस पार्टी के लिए एक बड़े झटके की तरह देखा जा रहा है. बोरदोलोई ने सोमवार को ही पार्टी हाईकमान को इस्तीफा देने को लेकर संकेत भी दे दिए थे. उन्होंने पार्टी से मौजूदा विधायक आसिफ़ नज़र का टिकट काटने की मांग की थी. हालांकि अभी तक इस सीट से उम्मीदवार का एलान नहीं हुआ है. बोरदोलोई ने आरोप लगाया है कि आसिफ़ ने पंचायत चुनाव के दौरान अपने क़रीबी से उनपर हमला कराया था.आपको बता दें कि सूत्र बताते हैं कि असम के सीएम ने उन्हें बीजेपी में शामिल होने का ऑफर भी दिया है. 

Latest and Breaking News on NDTV

खास बात ये है कि अपने इस्तीफे से पहले कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने असम के प्रभारी जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर पार्टी के एक विधायक को अपराधी बताते हुए टिकट नहीं देने की मांग की थी. नौगांव सीट से लगातार दो बार के सांसद प्रद्युत असम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता माने जाते हैं. 

NDTV से बात करते हुए बोरदोलोई ने कहा था कि मेरे संसदीय क्षेत्र से एक कांग्रेस विधायक ने बीते पंचायत चुनाव के दौरान मुझ पर हमला करवाया था. पुलिस जांच में सामने आया कि लहरीघाट विधानसभा सीट से विधायक आसिफ नजर के बेहद करीबी शख्स ने हमला किया था. हमलवार जब बेल पर बाहर आया तब आसिफ ने उसका स्वागत किया और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई से मुलाकात करवाई. ये मेरा अपमान है. इसीलिए मैंने प्रभारी को पत्र लिखा है. एक अपराधी को टिकट कैसे मिल सकता है?

अगर पार्टी विधायक का टिकट नहीं काटती तो क्या बोरदोलोई बगावत करेंगे ? इस सवाल पर बोरदोलोई ने कहा था कि मुझे आलाकमान पर भरोसा है. मैं 16 साल की उम्र से कांग्रेस के साथ हूं और संघर्ष किया है. चार बार विधायक और तरुण गोगोई की सरकार में 15 साल मंत्री रहा हूं. कांग्रेस मेरे डीएनए में है. लेकिन ये सांठ–गांठ मैं बर्दाश्त नहीं कर सकता. मैं अपने भविष्य की तरह देख रहा हूं. मैंने हमेशा असम के लोगों के लिए काम किया है.

यह भी पढ़ें: अब बोडोलैंड में बंदूकों नहीं, ढोल‑बांसुरी की आवाज गूंजती है...असम में कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए पीएम मोदी

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com