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This Article is From Mar 20, 2026

कांग्रेस से गए बोरदोलोई, फायदा सहयोगी दल का, गोगोई बना रहे बीजेपी से बदले का प्लान

कांग्रेस ने असम में अपना गठबंधन पूरा कर लिया है, जिसे असम सोनमिलितो मोर्चा या एएसओएम या यूनाइटेड विपक्षी फोरम भी कहा जाता है. इसमें 6 दलों के साथ सीटों का बंटवारा तय हो चुका है. कांग्रेस 87 सीटों पर उम्मीदवार उतार रही है.

कांग्रेस से गए बोरदोलोई, फायदा सहयोगी दल का, गोगोई बना रहे बीजेपी से बदले का प्लान
  • कांग्रेस ने असम में अखिल गोगोई की रायजोर दल के साथ गठबंधन कर 11 सीटों पर चुनाव लड़ने की सहमति दी है.
  • रायजोर दल को मार्गेरिटा और धिंग विधानसभा सीटें दी गई हैं, जिन पर पहले कांग्रेस के उम्मीदवार थे.
  • कांग्रेस असम में 87 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार रही है और छह दलों के साथ सीटों का बंटवारा हुआ है.

असम में कांग्रेस ने अपना गठबंधन लगभग पूरा कर लिया है. कांग्रेस ने असम में अखिल गोगोई की पार्टी रायजोर दल के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की घोषणा की है. कांग्रेस ने अखिल गोगोई को 11 सीटें दी हैं और दो सीटों पर दोस्ताना मुकाबला होगा. रायजोर दल ने शुरुआत में 27 सीटों की मांग की थी, फिर वे 20 सीटों तक आए, लेकिन बात नहीं बनी क्योंकि कांग्रेस इतनी सीटें देने को तैयार नहीं थी. इसके बाद अखिल गोगोई 15 सीटों तक आए, मगर तब कांग्रेस ने बातचीत रोक दी. बाद में बातचीत फिर शुरू हुई और अंततः 11 सीटों पर सहमति बन गई. इन सीटों में शिवसागर भी शामिल है, जहां से अखिल गोगोई चुनाव लड़ते और जीतते रहे हैं.

रायजोर दल को मार्गेरिटा विधानसभा सीट भी दे दी गई है. इस सीट पर कांग्रेस ने पहले प्रद्युत बोरदोलोई के बेटे प्रतीक बोरदोलोई को टिकट देने की घोषणा की थी. कांग्रेस ने धिंग विधानसभा सीट भी रायजोर दल को दे दी है. इस सीट को लेकर दोनों दलों में काफी खींचतान हुई थी. यह सीट प्रद्युत बोरदोलोई के लोकसभा क्षेत्र में आती है और उनकी वजह से ही कांग्रेस इसे छोड़ने के पक्ष में नहीं थी, लेकिन प्रद्युत के बीजेपी में शामिल होने के बाद कांग्रेस ने यह सीट अखिल गोगोई की पार्टी को दे दी.

कांग्रेस 87 सीटों पर उम्मीदवार उतार रही
कांग्रेस ने असम में अपना गठबंधन पूरा कर लिया है, जिसे असम सोनमिलितो मोर्चा या एएसओएम या यूनाइटेड विपक्षी फोरम भी कहा जाता है. इसमें 6 दलों के साथ सीटों का बंटवारा तय हो चुका है. कांग्रेस 87 सीटों पर उम्मीदवार उतार रही है, जबकि रायजोर दल को 11, असम जातीय परिषद को 10, सीपीएम और ऑल इंडिया हिल्स लीडर्स कॉन्फ्रेंस को 2-2 सीटें दी गई हैं. वहीं माले, जेएमएम और आरजेडी कुछ सीटों की मांग कर रहे हैं. 

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गुवाहाटी पूर्व के विधायक सिद्धार्थ भट्टाचार्य का भी टिकट काटा

यह तो रहा गठबंधन का मामला. लेकिन कांग्रेस का दरवाजा उन नेताओं के लिए भी खुला है जिन्हें बीजेपी ने टिकट नहीं दिया है. जैसे अतुल वोरा, जो दिसपुर से बीजेपी विधायक हैं, लेकिन उनका टिकट काटकर कांग्रेस से आए सांसद प्रद्युत बोरदोलोई को दे दिया गया है. अब वोरा ने कहा है कि या तो वे यहां से निर्दलीय लड़ेंगे या कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देंगे. इसी तरह गुवाहाटी पूर्व के विधायक सिद्धार्थ भट्टाचार्य का भी टिकट काट दिया गया है. सिद्धार्थ असम बीजेपी के अध्यक्ष रह चुके हैं और हेमंत बिस्वा शर्मा को बीजेपी में लाने में उनकी अहम भूमिका रही है. ऐसे कई मौजूदा विधायक जिनके टिकट बीजेपी ने काटे हैं, पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं. कांग्रेस की भी इन पर नजर है और वह प्रद्युत बोरदोलोई के बीजेपी में जाने का ‘बदला' लेने के मूड में है.

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