संसद के विशेष सत्र में गुरुवार को महिला आरक्षण संशोधन विधेयक और उससे जुड़ा परिसीमन विधेयक पेश किया गया. विधेयक पेश किए जाते समय स्पीकर ओम बिरला ने बिल पर विपक्ष की तकनीकी आपत्तियां सुनीं, लेकिन जब विपक्षी सांसदों ने इसके सही या गलत होने और सीटों की संख्या जैसे मुद्दों पर आपत्ति जताई तो गृह मंत्री अमित शाह उठ खड़े हुए. शाह ने कहा कि बिल पेश किए जाते वक्त उसके तकनीकी पहलुओं पर ही सदस्य अपनी राय रख सकते हैं. रूल 272 के तहत बात रखने का मौका है. स्पीकर को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, आप बहुत दयालु हो, उनका ज्यादा मौका देना, हम भी कस कर जवाब देंगे, हमें कोई तकलीफ नहीं है. इस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने मेजें थपथपाकर इसका समर्थन किया. विपक्षी सदस्य केसी वेणुगोपाल ने कहा, उन्हें बिल पर बात रखनी चाहिए. राहुल गांधी ने जब माइक को लेकर वेणुगोपाल को टोका तो स्पीकर ने तुरंत कहा कि आपका माइक चालू है. आपका ही बंद होता है. इस पर विपक्षी सांसदों ने भी चुटकी ली.
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने महिला आरक्षण में ओबीसी आरक्षण का मुद्दा उठाया. गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब दिया कि जनगणना प्रारंभ हो चुकी है.अभी घरों की गणना हो रही है. धर्मेंद्र यादव की बात का जवाब देते हुए शाह ने कहा कि अभी इसमें जाति के कॉलम की बात क्यों हो रही है. सपा का वश चले तो घरों की जाति कर दे. मुस्लिमों के आरक्षण के मु्द्दे पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने करारा जवाब दिया. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी धर्म के आधार पर आरक्षण की बात क्यों कर रही है. यह संविधान के खिलाफ है.
असदुद्दीन ओवैसी ने इस बिल को संसदीय लोकतंत्र के खिलाफ बताया.बिल पेश किए जाने के मुद्दे पर जब मत विभाजन की मांग की गई तो इस पर मतदान कराया गया, जो सरकार के पक्ष में रहा.
अखिलेश यादव ने कहा, जनगणना क्यों हो रही है. जातिगत जनगणना क्यों नहीं हो रही है. इन्हें पता है कि जब जनगणना होगी तो हम जातिगत जनगणना की बात करेंगे और आरक्षण मांगेंगे. इस पर गृह मंत्री ने जवाब दिया कि जनगणना हो रही है. जातीय जनगणना का आदेश पहले ही दिया जा चुका है.
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