- पश्चिम बंगाल में टीएमसी ने अमित शाह के चुनावी रैली में ममता बनर्जी के अपमान के आरोप लगाए हैं
- अमित शाह ने ममता बनर्जी को सार्वजनिक रूप से अपमानित करते हुए "ऐ दीदी कान खुलकर सुन लो" कहा था
- टीएमसी ने भाजपा पर महिला नेताओं के प्रति असम्मान और स्त्री-द्वेष की संस्थागत संस्कृति का आरोप लगाया है
पश्चिम बंगाल में सियासी पारा हाई है. टीएमसी और सीएम ममता बनर्जी के लिए साख की लड़ाई है तो बीजेपी मुकाबले को कांटे की लड़ाई बताकर चुनावी रण जीतने के सपने देख रही है. इस बीच तृणमूल कांग्रेस को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नाराज हो गई है. पार्टी का आरोप है कि अमित शाह ने चुनावी रैली में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का अपमान करते हुए उन्हें 'ए दीदी कान खुलकर सुन लो....' जैसे अपमानित शब्दों से पुकारा है. टीएमसी शाह के इस बयान से आहत होते हुए उनपर जवाबी हमला किया है.
ऐसा क्या बोले अमित शाह, भड़क गई ममता की पार्टी
तृणमूल कांग्रेस ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का चुनावी रैली वाला एक 6 सेकेंड का वीडियो पोस्ट किया है जिसमें अमित शाह ममता बनर्जी को 'ए दीदी कान खुलकर सुन लो....' कहते दिख रहे हैं. इस छोटी सी क्लिप पर अब सियासी भृकुटियां तन गई हैं. टीएमसी इस लाइन को ममता दीदी का अपमान बता रही है. टीएमसी समर्थक ने कहा कि ओ दीदी से ए दीदी...चेहरे बदल गए पर महिलाओं के प्रति अपमान वही रहता है.बंगाल की बेटी कभी भी सड़क पर की जाने वाली छींटाकशी से डरने वाली नहीं है.
From 'Didi O Didi' to 'Ei Didi'—the faces change, but the misogyny remains. Bengal's daughter will never be intimidated by roadside hecklers. 🦁💪 #BanglarNijerMeye #NoVoteToBJP https://t.co/coktQcvNna
— Abbashuddin Sk (@AbbashuddinSk) April 22, 2026
टीएमसी ने क्या कहा?
टीएमसी की एक महिला नेता ने वीडियो बनाते हुए कहा कि हर दिन अमित शाह यह साबित करते हैं कि वे गृह मंत्री जैसे उच्च पद के लिए पूरी तरह से अयोग्य हैं. उनमें न तो शालीनता है और न ही गरिमा कि वे तीन बार चुनी गई एक महिला मुख्यमंत्री को उस सम्मान के साथ संबोधित कर सकें जो उनके पद की गरिमा के लिए आवश्यक है.
महिला नेता ने आगे कहा कि पीएम मोदी ने 2021 में "दीदी ओ दीदी" जैसी फब्ती कसकर इसका ढांचा तैयार किया था. गृह मंत्री ने बस अपने नेता के उदाहरण का पालन करते हुए "ऐ दीदी" कहा है. यह किसी व्यक्ति की असफलता नहीं है, बल्कि यह एक 'संस्थागत संस्कृति' है.एक ऐसी पार्टी जो स्त्री-द्वेष और पितृसत्ता में इतनी गहराई तक डूबी हुई है कि सत्ता में बैठी महिलाओं के प्रति तिरस्कार उनके लिए कोई असामान्य बात नहीं बल्कि एक सहज प्रतिक्रिया है,यह उनकी कोई चूक नहीं, बल्कि उनका सिद्धांत बन चुका है.
Every single day, Amit Shah proves why he is a misfit, wholly unsuitable for the high office of Home Minister, and why he will always be, at his core, a roadside heckler with neither the decency nor the dignity to address a three-time elected female Chief Minister with the… pic.twitter.com/XHD1dnVIPV
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) April 21, 2026
टीएमसी के एक्स हैंडल से इसपर नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि बीजेपी समर्थकों में श्रीमती ममता बनर्जी के खिलाफ बलात्कार की धमकी देने की हिम्मत कहां से आती है? पार्टी को सबसे ऊंचे स्तर से हरी झंडी मिलती है.
➔पीएम मोदी ने राष्ट्रीय मंच से "दीदी ओ दीदी" कहकर उन पर फब्तियां कसीं
➔अमित शाह ने उन्हें "ऐ दीदी" कहकर ऐसे संबोधित किया.
➔गिरिराज सिंह ने उनके चलने-फिरने का "ठुमका" कहकर मजाक उड़ाया
➔सुकान्त मजूमदार ने सवाल किया कि उनका "धंधा" क्या है
➔अभिजीत गंगोपाध्याय ने यह जानने की मांग की कि वह "कितने में बिकती हैं"
अगर वे तीन बार की चुनी हुई मुख्यमंत्री के साथ ऐसा व्यवहार करते हैं, तो खुद से पूछिए कि अगर वे बंगाल में सत्ता में आए, तो आपकी मां, बहन और बेटी के साथ क्या करेंगे. जिम्मेदारी से वोट दें.यह सुनिश्चित करने के लिए वोट दें कि उन्हें कभी मौका न मिले.
'यही है भाजपा का असल चेहरा...'
AGAIN. “Ei Didi, kaan khol kar sunn lo.” After @narendramodi's “Didi ohhh Didi,” now @AmitShah abuses @MamataOfficial in foul language. THIS is the REAL FACE of the @BJP4India . They talk of “Nari Shakti” in Parliament , in reality they abuse and attack a senior woman leader & 3… pic.twitter.com/OKePo5vjk6
— Sagarika Ghose (@sagarikaghose) April 21, 2026
एक और टीएमसी की महिला नेत्री ने कहा कि अगर गाड़ियों का काफिला, जेड-प्लस (Z+) सुरक्षा और मंत्री पद का रुतबा हटा दिया जाए, तो अमित शाह क्या हैं? जो दोषियों को बचाता है, और जो एक सार्वजनिक मंच से तीन बार की मुख्यमंत्री को "ऐ दीदी" कहकर बुलाता है.यह वह व्यक्ति है जो भारत पर राज कर रहा है. यह वह व्यक्ति है जो बंगाल पर राज करना चाहता है.बंगाल के पास एक ही जवाब है.उसके पास हमेशा से एक ही जवाब रहा है और वह 4 मई को अपनी लोकतांत्रिक इच्छा की पूरी ताकत के साथ यह जवाब देगा.
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