पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh ) ने हरियाणा के कृषि मंत्री समेत बीजेपी के बड़े नेताओं के किसानों को लेकर दिए गए बयानों की आलोचना की है. अमरिंदर ने कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार और हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए.
हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल (JP Dalal) हों या केंद्र सरकार के कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Toar), वे लगातार किसानों पर विवादित बयान दे रहे हैं. पंजाब के सीएम ने कहा कि आंदोलन के दौरान मारे गए 102 किसानों के परिवारों को उनकी सरकार ने मुआवजा दिया है. तोमर ने दिल्ली पुलिस के हवाले से कहा था कि सिर्फ दो किसानों की मौत आंदोलन के दौरान हुई और एक किसान ने आत्महत्या की है.
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पंजाब के मुख्यमंत्री ने तोमर के उस बयान की भी निंदा की, जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार की किसान कल्याण फंड से उन किसान परिवारों को मदद देने की कोई योजना नहीं है, जिन्होंने जान गंवाई है. अमरिंदर ने कहा कि जो सरकार नए कृषि कानूनों के प्रचार पर 8 करोड़ रुपये खर्च कर सकती है. वह उन किसान परिवारों को मुआवजा नहीं दे सकती, जिन्होंने अपने अधिकारों के लिए जान दे दी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार केंद्र सरकार को यह पता नहीं था कि लॉकडाउन के दौरान कितने प्रवासी मजदूर देश भर में मारे गए, उसी तरह उसे यह नहीं पता है कि कितने किसान कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान अपनी जान गंवा चुके हैं. या तो कृषि मंत्री जानबूझकर सदन में झूठ बोल रहे थे या उन्हें तथ्यों या आंकड़ों को प्रमाणित करने की परवाह ही नहीं है. सीएम ने कहा कि यह पहली बार नहीं था कि किसी केंद्रीय मंत्री ने संसद में कृषि कानूनों या किसान आंदोलन के मुद्दे पर गलतबयानी की हो.
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