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This Article is From Oct 25, 2018

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले CBI की सफाई: आलोक वर्मा अभी भी चीफ, उन्हें सिर्फ छुट्टी पर भेजा गया

सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को होने वाली सुनवाई से पहले आज सीबीआई (CBI) ने इस मामले पर सफ़ाई देते हुए कहा कि आलोक वर्मा (Alok Verma) अभी भी सीबीआई डायरेक्टर हैं.

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले CBI की सफाई: आलोक वर्मा अभी भी चीफ, उन्हें सिर्फ छुट्टी पर भेजा गया
सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजा गया है.
  • सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले सीबीआई की तरफ से सफाई
  • आलोक वर्मा, राकेश अस्थाना को सिर्फ छुट्टी पर भेजा गया है
  • शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में आलोक वर्मा के याचिका की सुनवाई
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को होने वाली सुनवाई से पहले आज सीबीआई (CBI) ने इस मामले पर सफ़ाई देते हुए कहा कि आलोक वर्मा (Alok Verma) अभी भी सीबीआई डायरेक्टर हैं, जबकि राकेश अस्थाना (Rakesh Asthana) स्पेशल डायरेक्टर. इन अफ़सरों को हटाया नहीं गया है. इन्हें सिर्फ जांच से अलग करके छुट्टी पर भेजा गया है. दरअसल, दोनों अधिकारियों से सारे अधिकार वापस ले लिए गए हैं.

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सीबीआई प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने कहा कि केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) द्वारा इन दोनों अधिकारियों से जुड़े मामले की जांच पर फैसला किए जाने तक एम नागेश्वर राव सिर्फ एक अंतरिम व्यवस्था हैं. आलोक वर्मा ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और उन्होंने 23 अक्टूबर की रात आए सरकार के उस आदेश को रद्द करने की मांग की है, जिसके जरिए उनका और अस्थाना के सारे अधिकार वापस ले लिए गए और राव को निदेशक पद की जिम्मेदारियां सौंप दी गई.

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सरकार ने आलोक वर्मा और अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया है. सीबीआई के 55 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है. केंद्र ने भ्रष्टाचार रोधी संस्था सीवीसी से मिली एक सिफारिश के बाद यह फैसला लिया. दरअसल, सीवीसी ने यह महसूस किया कि वर्मा आयोग के कामकाज में जानबूझ कर बाधा डाल रहे हैं, जो सीबीआई निदेशक के खिलाफ अस्थाना की शिकायतों की जांच कर रहा है. सारे अधिकारों से वंचित किए जाने के बाद वर्मा ने शीर्ष न्यायालय का रुख कर दलील दी कि रातों रात उनके सारे अधिकार वापस ले लिया जाना सीबीआई की स्वतंत्रता में दखलंदाजी के समान है.

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उन्होंने कहा कि चूंकि सीबीआई के पूरी तरह से स्वतंत्र और स्वायत्त संस्था के तौर पर काम करने की उम्मीद की जाती है, ऐसे में कुछ मौके इस तरह के भी आते हैं जब उच्च पदाधिकारियों की किसी खास जांच में सरकार से वांछित निर्देश नहीं लिया जाता है. आलोक वर्मा ने यह दलील भी केंद्र और सीवीसी का कदम अवैध है और इस तरह की दखलंदाजी सीबीआई की स्वतंत्रता एवं स्वायत्ता को कम करती है. वर्मा और अस्थाना के दर्जे के बारे में टिप्पणी करने से इनकार करने वाली सीबीआई ने एक स्पष्टीकरण जारी कर कहा कि वर्मा सीबीआई के निदेशक और अस्थाना विशेष निदेशक के पद पर बने रहेंगे.

VIDEO: CBI में खुली जंग की आंच सरकार तक


प्रवक्ता ने संवाददाताओं से कहा कि आलोक वर्मा सीबीआई के निदेशक के पद पर और राकेश अस्थाना विशेष निदेशक के पद पर बने रहेंगे. वहीं, आरोप-प्रत्यारोप की सीवीसी द्वारा जांच किए जाने तक अंतरिम अवधि के दौरान एम नागेश्वर राव निदेशक का कामकाज संभालेंगे. वर्मा और एनजीओ कॉमन कॉज की याचिका पर उच्चतम न्यायालय में शुक्रवार को सुनवाई होगी. एनजीओ का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण कर रहे हैं. 

(इनपुट: भाषा)
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