उत्तर प्रदेश समेत तीन राज्यों को बड़ी खुशखबरी मिलने जा रही है. अलीगढ़ से लेकर पलवल तक 72 किलोमीटर का नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है. इस एक्सप्रेसवे से उत्तर प्रदेश से दिल्ली और हरियाणा जाना और आसान हो जाएगा. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इस सड़क परियोजना पर 1350 करोड़ रुपये से भी ज्यादा खर्च कर रहा है. इसमें भूमि अधिग्रहण पर ही 7 सौ करोड़ रुपये किए जाएंगे. हरियाणा के पलवल शहर इस एयरपोर्ट को नोएडा एयरपोर्ट से भी जोड़ा जाएगा. इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को नोएडा एक्सप्रेसवे से कनेक्ट किया जाएगा.
30 मिनट में पूरा सफर
अलीगढ़ से पलवल की दूरी सिर्फ 30 मिनट में पूरा जाएगा. पलवल से अलीगढ़ के बीच 72 किलोमीटर लंबा रास्ता फिलहाल सही स्थिति में नहीं है. ऐसे में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनने से फर्राटेदार सफर का रास्ता साफ होगा. खास बात ये है कि एक्सप्रेसवे तैयार करने के लिए दोनों ओर से काम कर रहा है.हरियाणा के पलवल शहर में एक्सप्रेसवे के लिए पेड़ों की कटान हो रही है. यूपी बॉर्डर की ओर अलीगढ़ टप्पल रोड पर मिट्टी से पाटकर रोड को बराबर करने और चौड़ा करने का काम भी हो रहा है. सड़क किनारे अवैध कब्जों को भी हटाने की तैयारी है.इस प्रोजेक्ट के तहत सबसे पहले खैर इलाके में बाईपास बनाने के काम पर फोकस है. ऐंचना, जप्पा, रहीमपुर, उदयगढ़ी, लक्ष्मणगढ़ी और बांकनेर गांवों में बाईपास का काम चल रहा है.
- 18 महीनों में पूरा होगा अलीगढ़ पलवल एक्सप्रेसवे
- 31 गांवों से गुजरेगा ये ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
- 1350 करोड़ रुपये की लागत आएगी इसमें
- 2 बड़े एक्सप्रेसवे और नोएडा एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी
यमुना पर नया ब्रिज भी बनेगा
अलीगढ़ पलवल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे निर्माण के बाद यमुना नदी पर एक ब्रिज भी बनाने की तैयारी है.इससे हरियाणा और वेस्ट यूपी के बीच आवाजाही और बेहतर होगी. पलवल अलीगढ़ एक्सप्रेसवे तैयार करने में करीब डेढ़ साल का वक्त लग सकता है. ये अलीगढ़ यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल, नोएडा, दिल्ली, पलवल और गुरुग्राम तक रोड कनेक्टिविटी और आवाजाही आसान हो जाएगी. हर दिन लगभग एक लाख वाहनों को तेज रफ्तार की सौगात मिलेगी.
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यमुना एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी
यमुना एक्सप्रेसवे से ये ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे कनेक्ट होगा. नोएडा और जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को ये जोड़ता है. पलवल-अलीगढ़ एक्सप्रेसवे टप्पल में यमुना एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा.
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे
ईस्टर्न पेरिफरल एक्सप्रेसवे भी दिल्ली के लिए वरदान है.ये सड़क दिल्ली के चारों ओर एक विशाल रिंग रोड की तरह है. इससे अलीगढ़ को गुरुग्राम, गाजियाबाद और कुंडली जैसे स्थानों से कनेक्टिविटी मिलेगी. अलीगढ़ पलवल एक्सप्रेसवे पलवल में इस एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा.
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एक्सप्रेसवे से तीन बड़े फायदे
- अलीगढ़ पलवल एक्सप्रेस वे से निर्माण कार्य में स्थानीय श्रमिकों, इंजीनियरों और सप्लाई चेन के लोगों को रोजगार मिल रहा है.
- इस एक्सप्रेसवे से अलीगढ़ से लेकर पलवल तक औद्योगिक विकास की नई संभावनाएं पैदा होंगी. कॉरिडोर के किनारे कई नए लॉजिस्टिक्स हब, गोदाम और छोटी औद्योगिक इकाइयां लगेंगी.
- अलीगढ़, दिल्ली और गुड़गांव के बीच यात्रा का समय कम होने से व्यापार लागत में कमी आएगी और कारोबार अधिक आसान होगा
इसमें 46 किलोमीटर की नई सड़क, 33 किलोमीटर का वैकल्पिक मार्ग, टोल प्लाजा, अंडरपास और फ्लाईओवर निर्माण शामिल है. भूमि अधिग्रहण का काम जारी है और किसानों को 100 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित भी किया जा चुका है.
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