- अप्रैल 2026 में वैश्विक एयर कार्गो मांग में सालाना आधार पर चार प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.
- मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण एयर कार्गो क्षमता में मामूली कमी और एयर रूट्स प्रभावित हुए.
- एशिया-पैसिफिक क्षेत्र की एयरलाइंस ने दस दशमलव पांच प्रतिशत की सबसे अधिक वृद्धि का प्रदर्शन किया.
इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) की अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक एयर कार्गो सेक्टर में मजबूती बनी हुई है. इस अवधि में हवाई माल ढुलाई की मांग सालाना आधार पर 4% बढ़ी, जबकि अंतरराष्ट्रीय कार्गो ट्रैफिक में भी समान स्तर की वृद्धि दर्ज की गई. हालांकि, कुल क्षमता में 0.4% की मामूली कमी आई, जिसकी प्रमुख वजह मध्य पूर्व में चल रहा संघर्ष और उससे प्रभावित एयर रूट्स रहे.
IATA के डायरेक्टर जनरल विली वॉल्श के अनुसार, एशिया से जुड़े व्यापार मार्गों की वजह से कार्गो कारोबार मजबूत बना रहा, लेकिन मध्य पूर्व के युद्ध के कारण बड़े एयर हब प्रभावित हुए और कई रूट्स में बदलाव करना पड़ा, जिससे क्षमता पर असर पड़ा. रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि मार्च 2026 में वैश्विक व्यापार में 2.1% की गिरावट आई थी, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की मजबूती ने अप्रैल में एयर कार्गो की मांग को सहारा दिया.
इस दौरान लागत पक्ष पर दबाव भी बढ़ा, क्योंकि अप्रैल में जेट फ्यूल की कीमतें सालाना आधार पर करीब 121% तक बढ़ गईं, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में भी लगभग 78% की तेजी रही. क्षेत्रीय स्तर पर एशिया-पैसिफिक एयरलाइंस ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया और 10.5% की वृद्धि दर्ज की. यूरोप में 6% और उत्तर अमेरिका में 5% की बढ़ोतरी हुई, जबकि अफ्रीकी एयरलाइंस में 7.7% की वृद्धि देखी गई. इसके उलट, मध्य पूर्व की एयरलाइंस में मांग 18.2% घट गई और लैटिन अमेरिका व कैरेबियन क्षेत्र में भी 2.8% की गिरावट दर्ज की गई.
ट्रेड रूट्स की बात करें तो अफ्रीका-एशिया और एशिया-यूरोप मार्गों पर सबसे ज्यादा वृद्धि देखी गई, जबकि एशिया के भीतर व्यापार भी मजबूत बना रहा. वहीं, मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण खाड़ी देशों से जुड़े एयर कार्गो रूट सबसे अधिक प्रभावित हुए और कई मार्गों पर संचालन बाधित हुआ.
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