अहमदाबाद में हुई एयर इंडिया विमान दुर्घटना को एक साल पूरा हो गया है. 12 जून 2025 के विमान हादसे में मारे गए भारतीयों के परिवारों के जख्म फिर हरे हो गए हैं. अपनों को खो देने की पीड़ा वो अभी तक महसूस कर रहे हैं. एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 उड़ान भरने के कुछ सेकेंड बाद धमाके के साथ आग के गोले में बदल गई थी. इसमें गुजरात के सूरत, अहमदाबाद, आणंद के साथ दीव के यात्री भी थे. केंद्र शासित प्रदेश दीव के 14 लोगों की मौत हो गई थी. एक साल बीत जाने के बावजूद पीड़ित परिवार इस सदमे से उबर नहीं पाए हैं. NDTV की टीम आज दीव पहुंची और हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों से खास बातचीत की। देखिए यह विशेष रिपोर्ट...
अहमदाबाद विमान हादसे के पीड़ितों का दर्द
समय कभी-कभी ऐसे जख्म देता है, जो वर्षों बीत जाने के बाद भी नहीं भरते. वो काला दिन जिसे याद कर आज भी पूरा देश सिहर उठता है. NDTV की टीम दीव के बुचरवाड़ा क्षेत्र में पहुंची, जहां रहने वाले फैजान रफीक की इस विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी. परिवार ने अपने जवान बेटे को इस हादसे में खो दिया. फैजान के नाना सुलेमान इब्राहिम ने बीते एक वर्ष की दर्द बयां करते हुए बताया कि आज भी दिन में कई बार फैजान की याद आते ही आंखें नम हो जाती हैं. परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से टूट चुका है.

Plane Crash Victim Family
विदेश यात्रा पर जाने से डर
अहमदाबाद प्लेन क्रैश के पीड़ित परिजनों का कहना है कि जब भी परिवार का कोई सदस्य विदेश यात्रा के लिए निकलता है, तब इस हादसे की यादें फिर से ताजा हो जाती हैं. जब तक वह सुरक्षित अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच जाता, तब तक परिवार चिंता में डूबा रहता है. भले ही अहमदाबाद विमान हादसे को आज एक साल पूरा हो गया हो, लेकिन परिवार के लिए समय मानो थम गया है.परिवार ने यह भी बताया कि फैजान की नानी इस हादसे के बाद गहरे मानसिक आघात में चली गईं और आज भी बिस्तर पर हैं। इस एक दुर्घटना ने केवल एक व्यक्ति को नहीं छीना, बल्कि पूरे परिवार का सहारा और खुशियां छीन लीं.
परिवार के चार सदस्य खो दिए, मदद तक नहीं मिली
दीव के गांधीपारा क्षेत्र के एक परिवार के चार सदस्यों की इस विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी. मृतकों में गिरीशभाई जेठवा, उनकी पत्नी हेमाक्षी जेठवा, पुत्र आदिव और पुत्री तक्षवी शामिल थे. गिरीशभाई के भाई महेंद्र जेठवा ने NDTV से बातचीत में बताया कि परिवार छुट्टियां बिताने के लिए दीव आया था और वापस लंदन लौटते समय यह दर्दनाक हादसा हो गया. इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया. एक साल बाद भी परिवार के सदस्य इस दुख से उबर नहीं पाए हैं और आज भी उनकी याद में आंखें नम हो जाती हैं.

Ahmedabad Plane Crash
एयर इंडिया से पूछ रहे सवाल
गिरीशभाई की मां आज भी अपने बेटे की यादों में खोई रहती हैं. कई बार ऐसा महसूस करती हैं, जैसे वह फोन पर अपने बेटे से बात कर रही हों. महेंद्र जेठवा ने एयर इंडिया पर आरोप लगाते हुए कहा कि विमान में तकनीकी खामी थी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एयर इंडिया की ओर से अब तक केवल 25 लाख रुपये की सहायता दी गई है. जबकि टाटा समूह द्वारा घोषित सहायता राशि अब तक नहीं मिली है. परिवार को कोई संतोषजनक जवाब भी नहीं दिया गया है.
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आर्थिक और मानसिक संकट झेल रहे परिवार
दीव के सामाजिक कार्यकर्ता शांतिलाल सोलंकी ने कहा कि अहमदाबाद एयर इंडिया विमान दुर्घटना में दीव के 14 लोगों की जान गई थी. कई परिवार आज भी आर्थिक और मानसिक संकट से जूझ रहे हैं. कुछ परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है, जबकि कई लोग इस हादसे के सदमे से उबर नहीं पाए हैं. दुर्घटना को एक वर्ष पूरा हो चुका है, लेकिन इसकी यादें आज भी लोगों के मन में ताजा हैं. विमान हादसे के बाद दीव के कई लोगों में हवाई यात्रा को लेकर डर पैदा हो गया है. आज भी कई परिवार विमान में सफर करने से घबराते हैं.
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(इनपुट अर्जुन वाला)
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