- यूथ कांग्रेस ने गलगोटिया यूनिवर्सिटी के भारत के पहले ड्रोन सॉकर बनाने के दावे को गलत बताया है.
- यूथ कांग्रेस का कहना है कि गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने कोरिया के स्ट्राइकर वी3 एआरएफ ड्रोन को पेश किया है.
- यूथ कांग्रेस ने एक पोस्ट में कहा कि पहले चीन, अब कोरिया, गलगोटिया 'उधार ली गई' इनोवेशन के वर्ल्ड टूर पर हैं.
इंडिया एआई इंपैक्ट समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़े रोबोट डॉग मामले की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि एक नया विवाद सामने आ गया है. इस बार सवाल यूनिवर्सिटी की टेक्निकल इनोवेशन की दावेदारी पर उठे हैं. यूथ कांग्रेस का दावा है कि गलगोटिया यूनिवर्सिटी भारत के पहले ड्रोन सॉकर को पूरी तरह से बनाने की बात कह रही है, लेकिन वास्तव में यह कोरिया का स्ट्राइकर वी3 एआरएफ है. साथ ही यूथ कांग्रेस ने केंद्र सरकार के आत्मनिर्भर भारत मिशन को लेकर भी तंज कसा है.
यूथ कांग्रेस ने एक्स पर अपनी एक पोस्ट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के सॉकर बॉल में ड्रोन सिस्टम का वीडियो शेयर किया और लिखा कि पहले चीन, अब कोरिया. गलगोटिया 'उधार ली गई' इनोवेशन के वर्ल्ड टूर पर हैं.
First China, now Korea. Galgotias is on a world tour of 'borrowed' innovation. 🌍.
— Indian Youth Congress (@IYC) February 18, 2026
They claimed to have built India's first Drone Soccer from scratch on campus, but it's actually just a Striker V3 ARF from Korea. 🇰🇷
Atmanirbhar' or just ‘Atmanir-buy' Modi ji? pic.twitter.com/8iRUeU0aAJ
गलगोटिया के दावे को बताया गलत
साथ ही यूथ कांग्रेस ने अपने पोस्ट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी को लेकर लिखा कि उनका दावा है कि उन्होंने कैंपस में भारत का पहला ड्रोन सॉकर पूरी तरह से बनाया है, लेकिन वास्तव में यह कोरिया का स्ट्राइकर वी3 एआरएफ है.
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गलगोटिया की ओर से वीडियो में क्या कहा
यूथ कांग्रेस की ओर से एक वीडियो भी पोस्ट किया गया है, जिसमें गलगोटिया की एक प्रोफेसर दावा करती हैं कि सॉकर गेंद के आकर के ड्रोन सिस्टम में इंजीनियरिंग से लेकर इसकी एप्लीकेशन तक सब कुछ यूनिवर्सिटी में ही बनाया गया है. यह भारत का पहला ड्रोन सॉकर एरिना है.
इससे पहले, गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने टेक्नोलॉजी प्रदर्शन के लिए अपने स्टॉल पर एक रोबोट डॉग रखा था. हालांकि इस डिवाइस के कथित तौर पर चीनी तकनीक पर आधारित होने की बात सामने आई है, जिसे लेकर विवाद हो गया है.
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