नई दिल्ली:
अनिवार्य मतदान के मुद्दे पर भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और नरेन्द्र मोदी साथ साथ नजर आए और गुजरात के मुख्यमंत्री को पार्टी के प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर कड़वाहट के बाद आडवाणी ने कहा कि ‘इनमें से कोई नहीं’ विकल्प के साथ मतदान को अनिवार्य बनाया जाना चाहिए।
आडवाणी ने अपने ताजा ब्लॉग में उच्चतम न्यायालय के उस सुझाव का स्वागत किया कि लोगों को नकारात्मक मतदान का अधिकार होना चाहिए।
उन्होंने हालांकि इसके साथ कहा कि मतदान के प्रावधान को अनिवार्य बनाया जाना चाहिए।
आडवाणी ने कहा, ‘आज जो स्थिति है, वह मतदाता जो संविधान प्रदत्त अपना मत देने के बहुमूल्य अधिकार का बिना किसी वैध कारण के उपयोग नहीं करता है, अनचाहे ही सभी उम्मीदवारों के खिलाफ नकारात्मक वोट देता है।’ उन्होंने कहा, ‘इसलिए मेरा मानना है कि नकारात्मक वोट अर्थपूर्ण होगा अगर इसके साथ ही मतदान को अनिवार्य बना दिया जाए।’
आडवाणी ने अपने ताजा ब्लॉग में उच्चतम न्यायालय के उस सुझाव का स्वागत किया कि लोगों को नकारात्मक मतदान का अधिकार होना चाहिए।
उन्होंने हालांकि इसके साथ कहा कि मतदान के प्रावधान को अनिवार्य बनाया जाना चाहिए।
आडवाणी ने कहा, ‘आज जो स्थिति है, वह मतदाता जो संविधान प्रदत्त अपना मत देने के बहुमूल्य अधिकार का बिना किसी वैध कारण के उपयोग नहीं करता है, अनचाहे ही सभी उम्मीदवारों के खिलाफ नकारात्मक वोट देता है।’ उन्होंने कहा, ‘इसलिए मेरा मानना है कि नकारात्मक वोट अर्थपूर्ण होगा अगर इसके साथ ही मतदान को अनिवार्य बना दिया जाए।’
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