विज्ञापन
This Article is From Sep 16, 2018

दाभोलकर हत्याकांड को लेकर सीबीआई ने किया नया खुलासा, कही यह बात...

एजेंसी ने दावा किया है कि कलस्कर उन दो व्यक्तियों में एक है जिन्होंने यहां ओंकारेश्वर पुल पर 20 अगस्त, 2013 को दाभोलकर पर गोलियां चलायी थी.

दाभोलकर हत्याकांड को लेकर सीबीआई ने किया नया खुलासा, कही यह बात...
सीबीआई का दाभोलकर मामले में खुलासा
नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को यहां एक अदालत में कहा कि तर्कवादी नरेंद्र दाभोलकर की हत्या के आरोपियों में एक शरद कलस्कर ने जुलाई में मुम्बई के समीप एक संकरी नदी में चार आग्नेयास्त्र फेंक दिये थे. एजेंसी ने दावा किया है कि कलस्कर उन दो व्यक्तियों में एक है जिन्होंने यहां ओंकारेश्वर पुल पर 20 अगस्त, 2013 को दाभोलकर पर गोलियां चलायी थी. उसने अदालत से यह भी कहा कि जब कलस्कर ने इन हथियारों को फेंका था तब उसके साथ वैभव राउत भी था. महाराष्ट्र के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने अगस्त में राउत को हथियारों के जखीरे की बरामदगी के एक मामले में गिरफ्तार किया था. पालघर के नालासोपारा इलाके में एक छापे के दौरान राउत और कलास्कर को एटीएस ने दस अगस्त को गिरफ्तार किया था. जिसके बाद भारी मात्रा में विस्फोटक और आग्नेयास्त्र जब्त किये गये. न्यायिक मजिस्ट्रेट एस एम ए सय्याद ने कलस्कर की हिरासत 17 सितंबर तक के लिए बढ़ा दी.

यह भी पढ़ें: दाभोलकर और गौरी लंकेश हत्‍याकांड के जुड़ते तार? CBI को ये है अंदेशा

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही शिवसेना के पूर्व पार्षद श्रीकांत पन्गारकर को महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने राज्य के विभिन्न हिस्सों से नौ और 11 अगस्त के बीच देसी बमों और हथियारों की बरामदगी के सिलसिले में रविवार को गिरफ्तार किया गया.ध्यान हो कि पन्गारकर को विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया.  इससे पहले एटीएस ने तीन लोगों--वैभव राउत, शरद कालस्कर और सुधन्वा गांधालेकर--को पालघर और पुणे जिले से 10 अगस्त को बम और हथियार बरामद किेये जाने के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था. तीनों फिलहाल 28 अगस्त तक पुलिस हिरासत में हैं.

यह भी पढ़ें: दाभोलकर हत्याकांड मामले में शिवसेना के पूर्व पार्षद को एटीएस ने किया गिरफ्तार 

सूत्रों ने बताया कि जालना नगर निगम के पूर्व सदस्य पन्गारकर को कल रात सीबीआई ने अंधविश्वास के खिलाफ अलख जगाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर की हत्या के मामले में हिरासत में लिया था. उसका नाम हत्या मामले के कथित प्रमुख शूटर सचिन प्रकाशराव आंदुरे से पूछताछ में सामने आया था. औरंगाबाद निवासी आंदुरे को पुणे से कल शाम गिरफ्तार किया गया था. उसे आज शिवाजीनगर में प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट ए एस मजूमदार की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 26 अगस्त तक एजेंसी की हिरासत में भेज दिया गया.

VIDEO: सनातन संस्था के प्रमुख से पूछताछ.


सीबीआई ने अदालत से कहा कि आंदुरे उन दो हमलावरों में से एक था जिन्होंने पुणे में ओंकारेश्वर पुल पर 20 अगस्त 2013 को दाभोलकर को गोली मारी थी. सूत्रों ने बताया कि आंदुरे ने सीबीआई को बताया कि दाभोलकर की हत्या के वक्त पन्गारकर भी उसके साथ था जिसके बाद पन्गारकर (40) को हिरासत में लिया गया.उन्होंने बताया कि पूर्व पार्षद कथित तौर पर आंदुरे की मोटरसाइकिल पर पीछे बैठा था.मोटरसाइकिल पर सवार दो लोगों ने दाभोलकर की 20 अगस्त, 2013 को पुणे में उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी थी जब वह सुबह की सैर पर निकले थे.(इनपुट भाषा से) 
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Dabholkar Murder Case
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com