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परमाणु ऊर्जा विधेयक समेत कुल 12 विधेयक... सरकार ने शीतकालीन सत्र के लिए नए विधेयकों को किया सूचीबद्ध

राज्य सभा में शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन जम्मू और कश्मीर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के तीन नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसदों - शम्मी ओबेरॉय, सज्जाद अहमद किचलू और चौधरी मोहम्मद रमजान को उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन शपथ दिलाएंगे.

परमाणु ऊर्जा विधेयक समेत कुल 12 विधेयक... सरकार ने शीतकालीन सत्र के लिए नए विधेयकों को किया सूचीबद्ध
नई दिल्ली:

सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र के लिए एनडीए सरकार ने एक विस्तृत लेजिस्लेटिव एजेंडा तैयार किया है। इस सत्र के दौरान एनडीए सरकार  दस नए बिल पेश करने की तयारी कर रही है.सरकार ने अठारहवीं लोकसभा के छठे सत्र के दौरान उठाए जाने वाले अपेक्षित सरकारी विधायी और वित्तीय कार्यों की निम्नलिखित सूची लोक सभा सचिवालय को भेजी है उसमें अहम हैं:

  1. जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक, 2025
  2. दिवाला और दिवालियापन संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025
  3. मणिपुर माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025 (एक अध्यादेश को बदलने के लिए)
  4. निरसन और संशोधन विधेयक, 2025
  5. राष्ट्रीय राजमार्ग (संशोधन) विधेयक, 2025
  6. परमाणु ऊर्जा विधेयक, 2025
  7. कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2025
  8. प्रतिभूति बाजार संहिता विधेयक (एसएमसी), 2025
  9. बीमा कानून (संशोधन) विधेयक, 2025
  10. मध्यस्थता और सुलह (संशोधन) विधेयक, 2025
  11. संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2025
  12. भारतीय उच्च शिक्षा आयोग विधेयक, 2025

उधर, राज्य सभा में शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन जम्मू और कश्मीर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के तीन नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसदों - शम्मी ओबेरॉय, सज्जाद अहमद किचलू और चौधरी मोहम्मद रमजान को उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन शपथ दिलाएंगे. 2019 में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर में हुए पहले राज्यसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 3 सीटें जीती थीं जबकि भाजपा को एक सीट मिली थी.

सोमवार को राज्यसभा के नियमों और शिष्टाचार का उल्लंघन करते हुए परिषद के अंदर तख्तियां प्रदर्शित करने के कारण कथित विशेषाधिकार हनन के मामले पर विशेषाधिकार समिति शीतकालीन सत्र के पहले दिन सदन में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी. केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव एक वैधानिक प्रस्ताव (Statutory Resolution) पेश करेंगे कि "जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024" को मणिपुर राज्य में अपनाया जाना चाहिए. शीतकालीन सत्र के दौरान 2025-26 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों (supplementary demands for grants for 2025-26) का पहला बैच भी प्रस्तुत किया जाएगा, उन पर चर्चा की जाएगी और मतदान होगा. संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर, 2025 तक चलेगा, जिसमें कुल 15 बैठकें होंगी.

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