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RML सहित देश के 70 मेडिकल कॉलेजों में CCTV और लाइव मॉनिटरिंग की व्यवस्था नहीं, NMC ने नियमों की अनदेखी पर जारी की एडवाइजरी

NMC के अनुसार 23 जून 2026 तक देश के 70 मेडिकल कॉलेज नियमों का पालन नहीं कर रहें हैं. इनमें सरकारी और निजी दोनों मेडिकल कॉलेज शामिल हैं. एनएमसी ने कहा कि कुछ कॉलेजों ने कैमरे तो लगाए हैं, लेकिन उनकी लाइव फीड आयोग को उपलब्ध नहीं कराई है जबकि कई कॉलेजों ने अपना नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर सिस्टम आयोग से लिंक नहीं किया है. 

RML सहित देश के 70 मेडिकल कॉलेजों में CCTV और लाइव मॉनिटरिंग की व्यवस्था नहीं, NMC ने नियमों की अनदेखी पर जारी की एडवाइजरी

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने मेडिकल कॉलेजों पर सख्ती करते हुए निर्देश दिया है कि तत्काल प्रभाव से सीसीटीवी और लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करें. आयोग ने कहा है कि कई मेडिकल कॉलेज अब तक इस व्यवस्था का पालन नहीं कर रहे हैं, ऐसे में वो तुरंत निर्धारित नियमों के अनुसार कैमरे, नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर (NVR) और लाइव वीडियो फीड को एनएमसी के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ें.

30 दिन की रखनी होगी रिकॉर्डिंग 

कमीशन ने अपने आदेश में कहा है कि देश के सभी मेडिकल कॉलेजों को कम से कम 25 सीसीटीवी कैमरे तय स्थानों पर लगाना अनिवार्य है. इसके अलावा सभी कैमरों की लाइव फीड एनएमसी के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तक पहुचनी चाहिए. साथ ही कॉलेजों को रिकॉर्डिंग भी 30 दिनों की सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है.

सरकारी मेडिकल कॉलेजों में भी नियमों की अनदेखी 

आयोग के अनुसार 23 जून 2026 तक देश के 70 मेडिकल कॉलेज नियमों का पालन नहीं कर रहें हैं. इनमें सरकारी और निजी दोनों मेडिकल कॉलेज शामिल हैं. एनएमसी ने कहा कि कुछ कॉलेजों ने कैमरे तो लगाए हैं, लेकिन उनकी लाइव फीड आयोग को उपलब्ध नहीं कराई है जबकि कई कॉलेजों ने अपना नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर सिस्टम आयोग से लिंक नहीं किया है. 

मौलाना आजाद और होमी भाभा कैंसर सेंटर भी सूची में 

आयोग ने उन मेडिकल कॉलेजों की सूची भी जारी की है, जो नियमों के अनदेखी करते पाए गए हैं. इसमें असम, आंध्र प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, ओडिशा, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के मेडिकल कॉलेज शामिल हैं. हैरानी की बात यह है कि इसमें कई प्रतिष्ठित और बड़े सरकारी संस्थान भी शामिल है, जिनमें दिल्ली स्थित अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एवं डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, जी.बी. पंत इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, भारतीय रेलवे का सेंट्रल हॉस्पिटल, यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज (UCMS) एवं जीटीबी अस्पताल, चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय, ESIC मेडिकल कॉलेज, बसईदारापुर का नाम शामिल हैं. इसके अलावा प्रयागराज का मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, बिहार का अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज, आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम स्थित होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, रांची का सेंट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ साइकैटरिस्ट, पंजाब के न्यू चंडीगढ़ स्थित होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर और कोलकाता के जादवपुर स्थित केपीसी मेडिकल कॉलेज भी सूची में हैं. एनएमसी ने स्पष्ट किया है कि सभी गैर-अनुपालन मेडिकल कॉलेजों को निर्धारित नियमों का पालन करना होगा और जो संस्थान अभी तक अनुपालन नहीं कर रहे हैं, उन्हें तत्काल आवश्यक व्यवस्था पूरी करनी होगी. आयोग ने किसी भी तकनीकी समस्या के लिए अपना ई-मेल भी उपलब्ध कराया है.

अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य  कॉलेजों में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ छात्रों की पढ़ाई और अस्पतालों की गतिविधियों की बेहतर निगरानी करना है. इससे मरीजों और छात्रों के हितों की सुरक्षा तो होगी ही साथ ही निरीक्षण प्रक्रिया भी मजबूत बनेगी. आयोग का मानना है कि ये मेडिकल शिक्षा के मानकों का पालन भी सुनिश्चित करेगी.

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