5G Spectrum Auction : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने स्पेक्ट्रम की नीलामी करने के दूरसंचार विभाग के एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. जिसके माध्यम से सफल बोलीदाताओं को जनता और उद्यमों को 5जी सेवाएं प्रदान करने के लिए स्पेक्ट्रम सौंपा जाएगा. मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र, कृषि, ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में उपयोग वाली नए दौर की एप्लिकेशन मसलन मशीन से मशीन संचार, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), कृत्रिम मेधा (एआई) में नवोन्मेष को बढ़ावा देने के लिए ‘निजी उपयोग वाले नेटवर्क' की स्थापना और विकास को मंजूरी देने का भी निर्णय लिया.
जानकारी के अनुसार 20 साल की वैधता अवधि के साथ कुल 72097.85 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की नीलामी जुलाई, 2022 के अंत तक की जाएगी. साथ ही सरकार ने स्पेक्ट्रम के लिए अग्रिम भुगतान की आवश्यकता को खत्म कर दिया है और सफल बोलीदाता 5जी स्पेक्ट्रम के लिए 20 ‘ईएमआई' में भुगतान कर सकते हैं.
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
नीलामी निम्न, मिड और हाई फ़्रीक्वेंसी बैंड में होगी. निम्न में 600 मेगाहर्ट्ज, 700 मेगाहर्ट्ज, 800 मेगाहर्ट्ज होंगे. 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2300 मेगाहर्ट्ज होंगे. मिड में 3300 मेगाहर्ट्ज और हाई 26 गीगाहर्ट्ज़ फ़्रीक्वेंसी बैंड है. इस नीलामी में देश के तीन प्रमुख दूरसंचार सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों - वोडाफोन आइडिया, भारती एयरटेल लिमिटेड और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के जियो के भाग लेने की उम्मीद है.
मंत्रिपरिषद ने विकास और नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए निजी कैप्टिव नेटवर्क स्थापित करने का निर्णय लिया.सरकार ने कहा कि जल्द ही शुरू की जाने वाली 5जी सेवाएं, 4जी के तहत मौजूदा पेशकश की तुलना में करीब 10 गुना तेज होंगी. आधिकारिक बयान के अनुसार "स्पेक्ट्रम पूरे 5G इको-सिस्टम का एक अभिन्न और आवश्यक हिस्सा है. 5G सेवाओं में नए युग के व्यवसाय बनाने, उद्यमों के लिए अतिरिक्त राजस्व उत्पन्न करने की क्षमता है. ऐसी उम्मीद है कि दूरसंचार सेवा देने वाले 5G प्रौद्योगिकी-आधारित सेवाओं को रोल आउट करने के लिए मिड और हाई बैंड स्पेक्ट्रम का उपयोग करेंगे. जो वर्तमान 4G सेवाओं की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक होगा.
VIDEO: "राहुल को बना रहे टारगेट"; राजस्थान के CM अशोक गहलोत ने बीजेपी पर साधा निशाना
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं