रूस के प्रत्यक्ष निवेश कोष (RDIF) और हैदराबाद स्थित विरचो बायोटेक (Vircho Biotech)ने सोमवार को एक करार पर हस्ताक्षर किए. इसके तहत भारत में रूस की वैक्सीन स्पूतनिक वी (Sputnik V) की 20 करोड़ खुराक का उत्पादन किया जाएगा. स्पूतनिक वी दुनिया में सबसे पहले सामने आई कोरोना की वैक्सीन (Corona Vaccine) थी. भारत में दो तरह के कोरोना टीकों का निर्माण पहले ही हो रहा है.
आरडीआईएफ और विरचो बायोटेक ने एक बयान में कहा कि 2021 की दूसरी तिमाही में तकनीक हस्तांतरण का काम पूरा होने की उम्मीद है. इसके बाद स्पूतनिक वी का व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो जाएगा.विरचो बायोटेक की विनिर्माण क्षमता की मदद से आरडीआईएफ के वैश्विक साझेदारों को स्पूतनिक वी की आपूर्ति में मदद मिलेगी.
-
बिकिनी सीन करने में कृति सेनन को क्यों लगे 12 साल? बोलीं- 6-7 साल पहले ऐसा नहीं कर पातीं -
AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड को पसंद है ये बॉलीवुड फिल्म, कृति सेनन के सामने सुनाया फेमस डायलॉग -
‘AI एक्टर्स इंसानी एक्टर्स की जगह नहीं ले सकते’, बोलीं एलाइन वैन डेर वेल्डन -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
नो इंडियंस अलाउड से मेयर तक का सफर, NDTV समिट में रोहतक से लंदन गई मां-बेटे की जोड़ी ने बताई अपनी जर्नी -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न -
Ashwini Vaishnaw के ऑफिस में कुर्सी के पीछे क्यों लगी है कील? NDTV World Summit में खोला राज -
NDTV World Summit : क्या AI छीन लेगा नौकरियां? माइक वॉल्श ने दिया चौंकाने वाला जवाब
आरडीआईएफ के सीईओ किरिल दिमित्रिव ने कहा कि विरचो बायोटेक के साथ समझौते से भारत में वैक्सीन के बड़े पैमाने पर विनिर्माण में आसानी होगी और हमारे अंतरराष्ट्रीय भागीदारों को आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है
स्पूतनिक वी 91.6 प्रतिशत तक असरकारक है और लैंसेट में प्रकाशित आंकड़ों में इसकी पुष्टि की गई है.
भारत में पहले ही दो वैक्सीन कोविशील्ड (Covishield) और कोवैक्सीन (Covaxian) तैयार हो रही हैं. कोवैक्सीन का उत्पादन स्वदेशी कंपनी भारत बायोटेक कर रही है, जबकि कोविशील्ड का उत्पादन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में हो रहा है.कोविशील्ड का विकास ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और ब्रिटिश स्वीडिश फर्म एस्ट्राजेनेका ने मिलकर किया है.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं