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लद्दाख में बनाई गई 17 तहसीलें, सरकारी सेवाओं के लिए नहीं करना होगा 300 KM  का सफर

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन मुद्दों को हल करने के लिए हर राजस्व ग्राम को एक तहसील और हर तहसील को एक जिले से जोड़ा गया है. इससे एक पारदर्शी, तार्किक और कुशल प्रशासनिक ढांचा तैयार हुआ है. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी जिले की भौगोलिक सीमाओं में कोई बदलाव न हो.

लद्दाख में बनाई गई 17 तहसीलें, सरकारी सेवाओं के लिए नहीं करना होगा 300 KM  का सफर
लद्दाख में बनाई गई 17 नई तहसील
नई दिल्ली:

लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने एक अहम प्रशासनिक सुधार के तहत केंद्र शासित प्रदेश में पांच नए जिले बनने के बाद तहसीलों और राजस्व गांवों के व्यापक पुनर्गठन और युक्तिकरण को मंज़ूरी दे दी है. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी. इस पुनर्गठन के तहत लद्दाख में 17 नई तहसीलें बनाई गई हैं, जिससे तहसीलों की कुल संख्या मौजूदा 15 से बढ़कर 32 हो गई है.

उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद नए जिलों की कार्य प्रणाली को शुरू करना और लोगों के घर तक सरकारी सेवाएं पहुंचाना है, ताकि जमीनी स्तर पर प्रशासन को मजबूत किया जा सके.ये नई तहसीलें सक्सेना द्वारा गठित केंद्र शासित प्रदेश-स्तरीय समिति की सिफारिशों पर बनाई गई हैं.यह समिति नए जिलों के गठन की अधिसूचना (जो इस साल 27 अप्रैल को जारी हुई थी) के बाद बनाई गई थी.समिति ने मौजूदा प्रशासनिक इकाइयों (जिनमें तहसीलें और राजस्व गांव शामिल हैं) में गंभीर कमियां पाईं, क्योंकि उनकी सीमाएं स्पष्ट रूप से तय नहीं थीं.

उन्होंने बताया कि इन मुद्दों को हल करने के लिए हर राजस्व ग्राम को एक तहसील और हर तहसील को एक जिले से जोड़ा गया है. इससे एक पारदर्शी, तार्किक और कुशल प्रशासनिक ढांचा तैयार हुआ है. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी जिले की भौगोलिक सीमाओं में कोई बदलाव न हो.पुनर्गठन के बाद, लेह जिले में पांच तहसीलें, करगिल में सात, चांगथांग में चार, नुब्रा में छह, जंस्कर में चार, शाम में पांच और द्रास में एक तहसील होगी. सक्सेना ने मुख्य सचिव को तुरंत तहसीलदारों की नियुक्ति करने का निर्देश दिया है. प्रवक्ता ने कहा कि हर तहसील के प्रमुख तहसीलदार या नायब तहसीलदार होंगे, और जहां भी नायब तहसीलदार तहसील के प्रभारी होंगे, उन्हें सहायक कलेक्टर की शक्तियां प्रदान की जाएंगी.

कहां कितने तहसील 

  • लेह: 5 तहसीलें
  • करगिल: 7 तहसीलें
  • चांगथांग: 4 तहसीलें
  • नुब्रा: 6 तहसीलें
  • ज़ंस्कार: 4 तहसीलें
  • शाम: 5 तहसीलें
  • द्रास: 1 तहसील

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लद्दाख के कुछ इलाकों में रहने वाले लोगों को सेवाओं का लाभ उठाने के लिए अभी 300 किलोमीटर से ज़्यादा का सफ़र करना पड़ता है, क्योंकि यहां का इलाका बहुत बड़ा है, आबादी कम है और बस्तियां दूर-दूर तक फैली हुई हैं. उन्हें उम्मीद है कि नए प्रशासनिक ढांचे से लोगों को इतनी दूर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें रेवेन्यू और दूसरी सरकारी सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिल सकेगी.


 

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