संसद के दोनों सदनों की बैठकें निर्धारित तारीख से पहले ही बुधवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 5 दिसंबर को शुरू हुआ संसद का शीतकालीन सत्र 20 दिसंबर तक चलना था, लेकिन बुधवार को ही संपन्न हो गया।
शुरूआत से ही हंगामे के कारण दोनों सदनों में एक भी दिन प्रश्नकाल नहीं चल पाया। उपलब्धियों की बात करें तो विधायी कामकाज के तहत संसद ने केवल एक महत्वपूर्ण विधेयक 'लोकपाल एवं लोकायुक्त विधेयक' संशोधनों सहित पारित किया।
इस बीच, संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने संकेत दिया कि आम चुनाव से पहले नए साल में बजट सत्र की बजाय लेखा अनुदान पारित कराने के लिए लोकसभा और राज्यसभा की बैठकें अल्पकालिक नोटिस पर फिर बुलाई जा सकती हैं।
कमलनाथ ने कहा कि शीतकालीन सत्र का सत्रावसान नहीं किया गया है और इसे केवल अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया है। अल्पकालिक नोटिस पर बैठक फिर बुलाई जा सकती है। लोकसभा चुनाव अगले वर्ष अप्रैल-मई में होने की संभावना है।
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