अखिल भारतीय सचेतक बैठक (ऑल इंडिया व्हिप्स कन्फ्रेंस) में संसद की प्रति वर्ष कम से कम 100 बैठकें आयोजित करने और सांसदों-विधायकों के लिए आचार संहिता लागू करने की अनुशंसा की गई। दो दिवसीय यह बैठक आज गोवा में संपन्न हुई।
इसके साथ ही संसद एवं विधानसभाओं की बैठकों में लगातार व्यवधान को देखते हुए इस सम्मेलन में अनुशंसा की गई कि दैनिक भत्ते को दंड स्वरूप खत्म करने जैसे उपाय लागू किए जाएं ताकि सदन की कार्यवाही सुनिश्चित हो सके और कामकाज हुए बिना इसमें व्यवधान न डाला जाए।
सम्मेलन में यह भी विचार उभरा कि संसद एवं राज्य विधानसभाओं के विशेषाधिकार को कूटबद्ध करने के लंबित एवं जटिल मुद्दे पर प्रत्येक सदन को विचार करना चाहिए।
इसमें मांग की गई कि केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री एम. वेंकैया नायडू एक समिति का गठन करें जो विशेषाधिकारों को कूटबद्ध करने का प्रयास करे और इसे पीठासीन अधिकारियों के समक्ष रखे।
मीडिया और शिक्षण से जुड़े लोग विशेषाधिकारों को कूटबद्ध करने की मांग करते रहे हैं ताकि मामले में अनिश्चितता हटे और विधायिका के कामकाज में अधिक पारदर्शिता आए। इसे देखते हुए यह मुद्दा काफी महत्वपूर्ण है।
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