महाराष्ट्र सरकार औऱ ड्रग माफियाओं के बीच क्या है कनेक्शन, आर्यन खान केस में शिवसेना नेता की याचिका पर भड़की बीजेपी

मुंबई क्रूज ड्रग्स पार्टी केस में  गिरफ्तार आर्यन खान (Aryan Khan) के मौलिक अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर याचिका दायर की गई है. शिवसेना नेता किशोर तिवारी की ओर से ये याचिका दायर की गई है.

मुंबई:

शिवसेना नेता द्वारा आर्यन खान मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने को लेकर बीजेपी भड़क उठी है. बीजेपी (BJP) प्रवक्ता राम कदमने इसको लेकर शिवसेना और अघाड़ी सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या महाराष्ट्र सरकार के ड्रग माफियाओं के साथ कोई रिश्ता है, जो उनका बचाव कर रहे हैं. राम कदम ने कहा, शिवसेना (Shivsena) के नेता अब देश के सुप्रीम कोर्ट में जाकर आर्यन खान के ड्रग्स केस (aryan khan drugs case) का मुद्दा उठा रहे हैं. हम आर्यन खान या किसी व्यक्ति विशेषके विरोध में नहीं हैं.हम शाहरुख खान या किसी अन्य बॉलीवुड कलाकार के विरोध में नहीं हैं. उनके प्रति पूरा आदर समम्मान है.

राम कदम ने कहा, सवाल उठता है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (uddhav thackrey), एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार (sharad pawar) और अन्य मंत्री लगातार जिस तरह प्रेस कान्फ्रेंस कर एनसीबी पर हमले कर रहे हैं. जिस तरह से एनसीबी (NCB) अधिकारियों को बदनाम कर रहे हैं और उन्हें अपमानित कर रहे हैं. उनका मनोबल गिराने का प्रयास हो रहा है. ड्रग माफिया के साथ पूरी सरकार खड़ी है.

राम कदम ने एक वीडियो जारी कर कहा, ड्रग माफिया और महाराष्ट्र के बीच क्या रिश्ता है. क्या ड्रग्स माफियाओं से भी महाराष्ट्र सरकार के नेताओं को वसूली मिल रही है. शायद यही कारण है कि वे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ड्रग माफियाओं का समर्थन कर रहे हैं. देश की सर्वोच्च न्यायपालिका में इस मामले में दस्तक देने के पहले महाराष्ट्र विकास अघाड़ी सरकार और शिवसेना को इस बात का जवाब देना होगा.  


गौरतलब है कि मुंबई क्रूज ड्रग्स पार्टी केस में  सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. इस केस में गिरफ्तार आर्यन खान (Aryan Khan) के मौलिक अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर याचिका दायर की गई है. शिवसेना नेता किशोर तिवारी की ओर से ये याचिका दायर की गई है. सुप्रीम कोर्ट के जज से एनसीबी (NCB)की भूमिका की जांच कराने की मांग की गई है.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


तिवारी ने कहा है कि एनसीबी दुर्भावनापूर्ण और बदले की भावना से काम कर रही है. एनसीबी के अधिकारी पिछले दो वर्षों से चुनिंदा फिल्मी हस्तियों और मॉडल को निशाना बना रहे हैं. एनसीबी के अफसरों की भूमिका का पता लगाने के लिए विशेष न्यायिक जांच होनी चाहिए.  याचिका में कहा गया है कि सत्यता का पता लगाने के लिए NCB  की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज द्वारा की जानी चाहिए.