ड्रग्‍स रखने और सेवन को लेकर क्‍या कहता है भारतीय कानून, कितनी सजा का है प्रावधान...

भारत में ड्रग्स के इस्तेमाल, उसे अपने पास रखने और बेचने तथा सेवन पर कितनी सजा हो सकती है, दरअसल इस मामले में अलग अलग नियम हैं. इसमें यह देखा जाता है कि किसी व्‍यक्ति के पास ड्रग्‍स की जो मात्रा बरामद हुई है, उसकी मात्रा कितनी है. इसी के आधार पर सजा या जुर्माने (या फिर दोनों ) का निर्धारण किया जाता है.

नई दिल्‍ली :

नारकोटिक्‍स कंट्रोल ब्‍यूरो यानी NCB ने हाल ही में समुद्र में क्रूज शिप पर हो रही पार्टी (Mumbai Cruise Rave Party) पर छापेमारी करके कई लोगों को गिरफ्तार किया है. इसमें बॉलीवुड स्‍टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) भी शामिल हैं. आर्यन के खिलाफ NDPS कानून की धारा 27 (किसी भी मादक पदार्थ का सेवन करने के लिए सज़ा), 8सी (मादक पदार्थ का उत्पादन, निर्माण, रखना, बेचना या खरीदना) एवं अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. एनसीबी ने आर्यन, उनके दोस्‍त अरबाज मर्चेट और मुनमुन धमेचा को सोमवार को मुंबई के कोर्ट में पेश किया गया जहां पर उन्‍हें गुरुवार तक एनसीबी की हिरासत में भेजने के आदेश दिए गए.  जज ने जैसे ही यह आदेश दिया, अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धमेचा की आंखों में आंसू भर आए.

गौरतलब है कि नारकोटिक्‍स कंट्रोल ब्‍यूरो यानी NCB ने आर्यन सहित सभी आरोपियों के लिए 11 अक्टूबर तक रिमांड मांगी थी.  भारत में ड्रग्स के इस्तेमाल, उसे अपने पास रखने और बेचने तथा सेवन पर कितनी सजा हो सकती है, दरअसल इस मामले में अलग अलग नियम हैं. इसमें यह देखा जाता है कि किसी व्‍यक्ति के पास ड्रग्‍स की जो मात्रा बरामद हुई है, उसकी मात्रा कितनी है. इसी के आधार पर सजा या जुर्माने (या फिर दोनों ) का निर्धारण किया जाता है. भारतीय कानून के अनुसार, नारकोटिक्‍स ड्रग एक्‍ट के सेक्‍शन 20 के अंतर्गत ड्रग्‍स (मादक द्रव्‍य) का सेल (विक्रय), परचेज (खरीद),पजेशन (इन्‍हें अपने पास रखना), ट्रांसपोटेशन और इंटर स्‍टेट एक्‍सपोर्ट-इम्‍पोर्ट सजा योग्‍य है. 

यह है सजा :  कम मात्रा में ड्रग्‍स रखने पर छह माह तक के लिए जेल या 10 हजार के जुर्माने या दोनों का प्रावधान है जबकि बड़ी मात्रा (लेकिन कमशियल क्‍वांटिटी से कम) के लिए 10 साल की जेल और एक लाख के जुर्माने या दोनों का प्रावधान है. व्‍यावसायिक मात्रा (कमर्शियल क्‍वांटिटी) ड्रग्‍स के लिए 10 से 20 साल की जेल और और एक से दो लाख का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है. 

स्‍माल और कमर्शियल क्‍वांटिटी : अब सवाल यह उठता है अलग-अलग ड्रग्‍स की स्‍माल क्‍वांटिटी और कमर्शियल क्‍वांटिटी क्‍या है तो अलग-अलग ड्रग्‍स के लिए यह मात्रा अलग-अलग निर्धारित है. उदाहरण के तौर पर  एक किलो केनाबिस (गांजा) को स्‍माल क्‍वांटिटी की श्रेणी में रखा जाता है जबकि 20 किलो या इससे ज्‍यादा गांजा को कमर्शियल क्‍वांटिटी की श्रेणी में माना जाता है. 100 ग्राम चरस या हैश स्‍माल क्‍वांटिटी है जबकि एक किलो या इससे अधिक व्‍यावसायिक मात्रा (कमर्शियल क्‍वांटिटी) मानी जाती है. कोकीन की बात करें तो दो ग्राम कोकीन रखना स्‍माल क्‍वांटिटी की श्रेणी में आता है जबकि 100 ग्राम या ज्‍यादा  कमर्शियल क्‍वांटिटी में आता है. हेरोइन की पांच ग्राम की मात्रा, स्‍माल क्‍वांटिटी कही जाती है जबकि 250 ग्राम या ज्‍यादा कमिर्शयल क्‍वांटिटी. 

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