
प्रतीकात्मक चित्र
इलाहाबाद:
इलाहाबाद होईकोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड को कांस्टेबलों के पदों की करीब 42 हजार रिक्तियों के लिए हुई भर्ती परीक्षा में सफल घोषित 38 हजार से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने से रोक दिया।
न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार सिंह बघेल ने 16 जुलाई को घोषित भर्ती परीक्षा परिणाम के सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने से बोर्ड को रोक दिया। अदालत ने इस मामले में आगे की सुनवाई के लिए 11 सितंबर की तारीख तय की।
यह आदेश रवि कुमार शर्मा और ब्रजेश कुमार तिवारी द्वारा दायर रिट याचिका पर आया। याचिकाकर्ताओं ने कुल 41610 पदों के लिए 38315 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किए जाने से जुड़ी भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि पूर्व सैनिकों और स्वतंत्रता सेनानियों के लिए 'क्षैतिज आरक्षण' की नीति को 'गलत तरीके से लागू' किया गया जिसके कारण सामान्य श्रेणी के करीब 3500 पदों को आरक्षित श्रेणी के अभ्यथियों द्वारा भर दिया गया।
न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार सिंह बघेल ने 16 जुलाई को घोषित भर्ती परीक्षा परिणाम के सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने से बोर्ड को रोक दिया। अदालत ने इस मामले में आगे की सुनवाई के लिए 11 सितंबर की तारीख तय की।
यह आदेश रवि कुमार शर्मा और ब्रजेश कुमार तिवारी द्वारा दायर रिट याचिका पर आया। याचिकाकर्ताओं ने कुल 41610 पदों के लिए 38315 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किए जाने से जुड़ी भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि पूर्व सैनिकों और स्वतंत्रता सेनानियों के लिए 'क्षैतिज आरक्षण' की नीति को 'गलत तरीके से लागू' किया गया जिसके कारण सामान्य श्रेणी के करीब 3500 पदों को आरक्षित श्रेणी के अभ्यथियों द्वारा भर दिया गया।
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