पटना:
उत्तराखंड के लोकायुक्त कानून पर खुशी जाहिर करने वाली टीम अन्ना ने बिहार में लाए जा रहे लोकायुक्त कानून को खारिज कर दिया है। टीम अन्ना का मानना है कि बिहार सरकार का लोकायुक्त बिल केन्द्र सरकार के लोकपाल जैसा है। टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने लोकायुक्त बिल की कमियां गिनाते हुए कहा कि इसमें लोकायुक्त का चयन निलंबन और उसकी बर्खास्तगी सरकार के कंट्रोल में होगी इसलिए वो स्वतंत्र नहीं होगा। इसके अलावा किसी भी सरकारी अफसर के खिलाफ जांच और मुकदमा चलाने से पहले लोकायुक्त को सरकार से इजाजत लेनी होगी। साथ ही फर्जी शिकायत करने वाले और भ्रष्ट अफसर की सजा बराबर है। इस बिल में शिकायत करने वाले के खिलाफ भ्रष्ट अफसर को सरकार की ओर से मुफ्त कानूनी मदद मुहैया कराने की बात है। बिहार सरकार ने 22 नवंबर तक जनता से लोकायुक्त बिल पर सुझाव मांगें हैं।
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टीम अन्ना, लोकायुक्त कानून, बिहार