
नई दिल्ली:
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को दुबई में भारतीय वाणिज्य दूतावास से उस भारतीय व्यक्ति के बारे में रिपोर्ट मांगी जिसने दो साल में 1,000 किलोमीटर से अधिक की यात्रा की थी क्योंकि स्वदेश वापसी के लिए विमान का टिकट हासिल करने के संबंध में अदालत की कार्यवाही में शामिल होने के लिए उसके पास पैसे नहीं थे.
सुषमा ने ट्वीट किया, ''मैंने दुबई में भारतीय दूतावास से रिपोर्ट मांगी है.'' तिरुचिरापल्ली के मूल निवासी जगन्नाथ सेल्वराज दुबई के व्यस्त राजमार्गों पर गर्मी, धूल भरी आंधी और थकावट का सामना करते हुए अदालत की कार्यवाही में पहुंचा. वह सोनापुर में एक सार्वजनिक पार्क में रहता था और वहां से अदालत की एक तरफ की दूरी 22 किलोमीटर है.
सोनापुर से करामा तक बस यात्रा में कुछ दिरहम लगते हैं, लेकिन सेल्वराज के पास बस से यात्रा करने का पैसा नहीं था जिससे उसे अदालत की प्रत्येक सुनवाई में शामिल होने के लिए एक तरफ की यात्रा में दो घंटे खर्च करने पर बाध्य होना पड़ा, जबकि वापसी में भी उसे इतना ही समय खर्च करना पड़ा.
इन चार घंटों में उसने 44 किलोमीटर की यात्रा की और उसके मामले पर फैसला आने तक हर पखवाड़े उसे अदालत आना पड़ा.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सुषमा ने ट्वीट किया, ''मैंने दुबई में भारतीय दूतावास से रिपोर्ट मांगी है.'' तिरुचिरापल्ली के मूल निवासी जगन्नाथ सेल्वराज दुबई के व्यस्त राजमार्गों पर गर्मी, धूल भरी आंधी और थकावट का सामना करते हुए अदालत की कार्यवाही में पहुंचा. वह सोनापुर में एक सार्वजनिक पार्क में रहता था और वहां से अदालत की एक तरफ की दूरी 22 किलोमीटर है.
सोनापुर से करामा तक बस यात्रा में कुछ दिरहम लगते हैं, लेकिन सेल्वराज के पास बस से यात्रा करने का पैसा नहीं था जिससे उसे अदालत की प्रत्येक सुनवाई में शामिल होने के लिए एक तरफ की यात्रा में दो घंटे खर्च करने पर बाध्य होना पड़ा, जबकि वापसी में भी उसे इतना ही समय खर्च करना पड़ा.
इन चार घंटों में उसने 44 किलोमीटर की यात्रा की और उसके मामले पर फैसला आने तक हर पखवाड़े उसे अदालत आना पड़ा.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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