विदेश मंत्री सुषमा स्वराज.
- विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संसद में दिया बयान
- विदेश नीति से जुड़े कई मुद्दे पर बोलीं सुषमा स्वराज
- यमन में भारतीय को बचाने के प्लान का किया खुलासा
नई दिल्ली:
वेस्ट एशिया के मुद्दे पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संसद में बयान दिया. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के आने बाद लोगों को यह लगता था कि भारत के रिश्ते यहां से खराब हो जाएंगे या फिर भारत सरकार इसका ध्यान नहीं रखेगी क्योंकि यहां पर सबसे ज्यादा मुस्लिम देश हैं. उन्होंने कहा, अब इसके उल्टे वहां से बेहतर रिश्ते हुए हैं. उन्होंने कहा कि अधिकतर देशों के साथ भारत के बहुत अच्छे संबंध हैं. उन्होंने कहा कि यमन समस्या के दौरान गौलाबारी में हजारों भारतीय फंस गए थे. उनकी जान पर आफत थी और ऐसे में भारत ने वहां से न केवल भारतीयों को निकालने में सफलता पाई बल्कि 48 देशों के फंसे नागरिकों को भारत ने निकालने का काम किया. इस दौरान भारत का विदेशों में काफी नाम बढ़ा. भारत ने अपनी नौसेना की सहायता के समुद्री डाकुओं पर भी काबू किया.
संसद में मोदी सरकार की तारीफ करते हुए सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत के लोगों को निकालने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने सउदी अरब के प्रिंस से बात की थी. उन्होंने उनसे आग्रह किया था कि भारत के फंसे लोगों को निकालने के लिए कोई रास्ता सुझाएं. इस पर पीएम मोदी ने सउदी अरब से आग्रह किया किया कि हमला रोक दें तो भारतीयों के निकाल लें.
इसके बाद उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से कहा कि वह यमन से भी ऐसा ही आग्रह करें जिससे भारतीय को वहां से निकालने में सफलता मिल सके. दोनों ही देशों से एक ही समय पर आंशिक युद्धविराम की अपील की गई है. दोनों देश तैयार हुए और सुबह 9-11 बजे के बीच हमला रोका गया.
VIDEO : यमन के हालातों पर पायलट का बयान
सउदी अरब ने भारत से यमन के एयरपोर्ट खोलने के लिए यमन से अपील करने की बात कही. यमन ने भी भारत की बात मानी और हमला रोके जाने के दौरान अपने एयरपोर्ट को खोला ताकि भारतीयों को हवाई जहाज के जरिए वहां से निकाला जा सके. हुआ भी ऐसा ही.
VIDEO : यमन से बचाकर लाए गए भारतीय
इसी दौरान हमने 9-11 के बीच लोगों को निकालने का काम किया गया. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि यह भारत की विदेश नीति की सफलता थी. यहां पर 4500 भारतीयों को और 2000 विदेशियों को हमने निकाला. 48 देशों के लोगों को हमने निकाला गया.
संसद में मोदी सरकार की तारीफ करते हुए सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत के लोगों को निकालने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने सउदी अरब के प्रिंस से बात की थी. उन्होंने उनसे आग्रह किया था कि भारत के फंसे लोगों को निकालने के लिए कोई रास्ता सुझाएं. इस पर पीएम मोदी ने सउदी अरब से आग्रह किया किया कि हमला रोक दें तो भारतीयों के निकाल लें.
इसके बाद उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से कहा कि वह यमन से भी ऐसा ही आग्रह करें जिससे भारतीय को वहां से निकालने में सफलता मिल सके. दोनों ही देशों से एक ही समय पर आंशिक युद्धविराम की अपील की गई है. दोनों देश तैयार हुए और सुबह 9-11 बजे के बीच हमला रोका गया.
VIDEO : यमन के हालातों पर पायलट का बयान
सउदी अरब ने भारत से यमन के एयरपोर्ट खोलने के लिए यमन से अपील करने की बात कही. यमन ने भी भारत की बात मानी और हमला रोके जाने के दौरान अपने एयरपोर्ट को खोला ताकि भारतीयों को हवाई जहाज के जरिए वहां से निकाला जा सके. हुआ भी ऐसा ही.
VIDEO : यमन से बचाकर लाए गए भारतीय
इसी दौरान हमने 9-11 के बीच लोगों को निकालने का काम किया गया. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि यह भारत की विदेश नीति की सफलता थी. यहां पर 4500 भारतीयों को और 2000 विदेशियों को हमने निकाला. 48 देशों के लोगों को हमने निकाला गया.
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