नई दिल्ली:
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को देश की सभी अदालतों में हिंदी में काम करने की याचिका को खारिज कर दिया। याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि क्या हम संसद को ये आदेश जारी कर सकते हैं कि ऐसा कानून पास करें।
इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाई और कहा कि आप संविधान में ही बदलाव की मांग क्यों नहीं करते।
कोर्ट ने कहा कि पहले ही कोर्ट पर बोझ है और आप ऐसी याचिकाएं लगाते हैं। कोर्ट ने याचिकाकर्ता वकील शिव सागर तिवारी की याचिका खारिज करते हुए एक लाख का जुर्माना लगाया, लेकिन याचिकाकर्ता के अपील करने पर चीफ जस्टिस ने भविष्य में ऐसी जनहित याचिका दाखिल न करने की चेतावनी देते हुए जुर्माना माफ कर दिया।
इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाई और कहा कि आप संविधान में ही बदलाव की मांग क्यों नहीं करते।
कोर्ट ने कहा कि पहले ही कोर्ट पर बोझ है और आप ऐसी याचिकाएं लगाते हैं। कोर्ट ने याचिकाकर्ता वकील शिव सागर तिवारी की याचिका खारिज करते हुए एक लाख का जुर्माना लगाया, लेकिन याचिकाकर्ता के अपील करने पर चीफ जस्टिस ने भविष्य में ऐसी जनहित याचिका दाखिल न करने की चेतावनी देते हुए जुर्माना माफ कर दिया।
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