लखनऊ:
पदोन्नति में आरक्षण के विरोध में बीते आठ दिनों से उत्तर प्रदेश में आंदोलन कर रहे सामान्य और अन्य पिछड़े वर्ग के 18 लाख सरकारी कर्मचारियों ने संसद के शीतकालीन सत्र को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिए जाने के बाद गत आठ दिन से चली आ रही हड़ताल को स्थगित कर दिया है।
आरक्षण विरोधी आंदोलन का नेतृत्व कर रही सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के अध्यक्ष शैलेन्द्र दुबे ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा, ‘‘हमने संसद सत्र के जारी रहने तक अपना आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया था और आज जब संसद सत्र लोकसभा में पदोन्नति में आरक्षण संबंधी संशोधन विधेयक पारित किए बिना ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया तो समिति ने भी आज से अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है।’’
उन्होंने बताया कि समिति आंदोलन की भावी रूपरेखा तय करने के लिए 23 दिसंबर को सभी विभागों के जिला मंडल एवं प्रदेशस्तरीय कार्यकर्ताओं की बैठक भी बुलाई गई है।
उल्लेखनीय है कि पदोन्नति में आरक्षण दिए जाने को लेकर हो रहे संविधान संशोधन विधेयक के विरोध में राज्य के सामान्य ,अन्य पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के लगभग 18 लाख कर्मचारी पिछले आठ दिनों से हड़ताल पर रहे और इस दौरान उन्होंने राजधानी लखनऊ सहित सभी जिला मुख्यालयों पर जोरदार प्रदर्शन किया।
राज्य सभा में पिछले दिनों संशोधन विधेयक के पारित हो जाने के बाद इन कर्मचारियों ने विधेयक का समर्थन करने वाले दलों भाजपा, कांग्रेस और बसपा के कार्यालयों एवं नेताओं के घरों पर उग्र प्रदर्शन भी किए।
राजधानी लखनऊ में विधानभवन के सामने स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय पर आंदोलनकारी कर्मचारियों ने पत्थर टमाटर और अंडे फेंके तथा पार्टी के पोस्टर भी फाड़ दिए थे, जिसका प्रभाव भी पड़ा और उत्तर प्रदेश की भाजपा इकाई ने पदोन्नति में आरक्षण के विरोध में आवाज भी उठाई।
दूबे ने बताया कि समिति ने पदोन्नति में आरक्षण का विरोध करने के लिए सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के प्रति आभार व्यक्त किया है और अपेक्षा की है कि भाजपा और कांग्रेस भी अपना रुख बदलेंगे और लोकसभा से यह विधेयक पारित नहीं होने देंगे।
आरक्षण विरोधी आंदोलन का नेतृत्व कर रही सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के अध्यक्ष शैलेन्द्र दुबे ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा, ‘‘हमने संसद सत्र के जारी रहने तक अपना आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया था और आज जब संसद सत्र लोकसभा में पदोन्नति में आरक्षण संबंधी संशोधन विधेयक पारित किए बिना ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया तो समिति ने भी आज से अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है।’’
उन्होंने बताया कि समिति आंदोलन की भावी रूपरेखा तय करने के लिए 23 दिसंबर को सभी विभागों के जिला मंडल एवं प्रदेशस्तरीय कार्यकर्ताओं की बैठक भी बुलाई गई है।
उल्लेखनीय है कि पदोन्नति में आरक्षण दिए जाने को लेकर हो रहे संविधान संशोधन विधेयक के विरोध में राज्य के सामान्य ,अन्य पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के लगभग 18 लाख कर्मचारी पिछले आठ दिनों से हड़ताल पर रहे और इस दौरान उन्होंने राजधानी लखनऊ सहित सभी जिला मुख्यालयों पर जोरदार प्रदर्शन किया।
राज्य सभा में पिछले दिनों संशोधन विधेयक के पारित हो जाने के बाद इन कर्मचारियों ने विधेयक का समर्थन करने वाले दलों भाजपा, कांग्रेस और बसपा के कार्यालयों एवं नेताओं के घरों पर उग्र प्रदर्शन भी किए।
राजधानी लखनऊ में विधानभवन के सामने स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय पर आंदोलनकारी कर्मचारियों ने पत्थर टमाटर और अंडे फेंके तथा पार्टी के पोस्टर भी फाड़ दिए थे, जिसका प्रभाव भी पड़ा और उत्तर प्रदेश की भाजपा इकाई ने पदोन्नति में आरक्षण के विरोध में आवाज भी उठाई।
दूबे ने बताया कि समिति ने पदोन्नति में आरक्षण का विरोध करने के लिए सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के प्रति आभार व्यक्त किया है और अपेक्षा की है कि भाजपा और कांग्रेस भी अपना रुख बदलेंगे और लोकसभा से यह विधेयक पारित नहीं होने देंगे।
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