नई दिल्ली:
समाजवादी पार्टी ने सोमवार को कहा कि सरकार की ओर से दबाव और सीबीआई की धमकी के बावजूद वह सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों को पदोन्नति में आरक्षण दिए जाने के खिलाफ है और इस आशय के संविधान संशोधन विधेयक के विरोध में मतदान करेगी।
सपा प्रवक्ता मोहन सिंह ने संसद परिसर में कहा कि सपा विधेयक के पूरी तरह खिलाफ है और जब भी इस पर सदन में मत विभाजन होगा, उसके विरोध में मतदान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सपा इस मुद्दे पर संसद में हालांकि अलग थलग पड़ गई है लेकिन उसे संसद के बाहर जनता का व्यापक समर्थन है।
यह पूछे जाने पर कि क्या सपा पर सरकार को समर्थन करने के लिए सीबीआई का दबाव है, सिंह ने कहा कि हमने पूर्व में ही स्वीकार किया है कि सीबीआई का इस्तेमाल दबाव डालने के लिए होता है। सरकार सीबीआई का दुरुपयोग करती है।
सिंह ने कहा कि ऐसा लगता है कि कांग्रेस में कोई भ्रष्टाचार नहीं है और अन्य दलों में हर तरह का भ्रष्टाचार है। सीबीआई केवल लालू प्रसाद, मुलायम सिंह यादव और एम करूणानिधि के खिलाफ जांच करने के लिए ही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने हालांकि राष्ट्रमंडल खेलों में वित्तीय अनियमितताएं कीं और प्रधानमंत्री ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का वायदा किया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
यह पूछने पर कि सपा ने राज्यसभा में आज मुस्लिम आरक्षण का मुद्दा क्यों उठाया, सिंह ने कहा कि सच्चर समिति की सिफारिशों को लेकर संसद में कभी-कभी मुद्दा उठना चाहिए। आसन से हमें और समय मिलना चाहिए और जल्दबाजी में सदन की बैठक स्थगित नहीं करनी चाहिए थी।
सपा प्रवक्ता मोहन सिंह ने संसद परिसर में कहा कि सपा विधेयक के पूरी तरह खिलाफ है और जब भी इस पर सदन में मत विभाजन होगा, उसके विरोध में मतदान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सपा इस मुद्दे पर संसद में हालांकि अलग थलग पड़ गई है लेकिन उसे संसद के बाहर जनता का व्यापक समर्थन है।
यह पूछे जाने पर कि क्या सपा पर सरकार को समर्थन करने के लिए सीबीआई का दबाव है, सिंह ने कहा कि हमने पूर्व में ही स्वीकार किया है कि सीबीआई का इस्तेमाल दबाव डालने के लिए होता है। सरकार सीबीआई का दुरुपयोग करती है।
सिंह ने कहा कि ऐसा लगता है कि कांग्रेस में कोई भ्रष्टाचार नहीं है और अन्य दलों में हर तरह का भ्रष्टाचार है। सीबीआई केवल लालू प्रसाद, मुलायम सिंह यादव और एम करूणानिधि के खिलाफ जांच करने के लिए ही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने हालांकि राष्ट्रमंडल खेलों में वित्तीय अनियमितताएं कीं और प्रधानमंत्री ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का वायदा किया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
यह पूछने पर कि सपा ने राज्यसभा में आज मुस्लिम आरक्षण का मुद्दा क्यों उठाया, सिंह ने कहा कि सच्चर समिति की सिफारिशों को लेकर संसद में कभी-कभी मुद्दा उठना चाहिए। आसन से हमें और समय मिलना चाहिए और जल्दबाजी में सदन की बैठक स्थगित नहीं करनी चाहिए थी।
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