
शिवसेना ने मध्यावधि चुनाव की टिप्पणी को लेकर एनसीपी प्रमुख शरद पवार पर हमला करते हुए कहा कि वह अविश्वास की राजनीति करने के लिए जाने जाते हैं और वर्तमान अस्थिरता का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
एनसीपी ने यद्यपि महाराष्ट्र विधानसभा में अल्पमत बीजेपी सरकार को बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा की थी, लेकिन मंगलवार को पार्टी प्रमुख शरद पवार ने कहा था कि राज्य सरकार की स्थिरता एनसीपी की जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार रहने को भी कहा था।
शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में प्रकाशित एक संपादकीय में कहा गया, शरद पवार इस अस्थिर सरकार का फायदा उठा रहे हैं, लेकिन यहां शिवसेना मजबूती से खड़ी होगी। पवार जो चाहें, करने दो। शिवसेना विपक्षी दल के रूप में ईमानदारी और पूरी सत्यनिष्ठा से अपनी भूमिका निभा रही है।
शिवसेना ने आरोप लगाया कि पवार अविश्वास की राजनीति करने के लिए जाने जाते हैं, इसीलिए पहले उन्होंने बीजेपी को समर्थन दिया और अब इसे वापस लेने की धमकी दे रहे हैं।
शिवसेना ने कहा, पवार सोचते हैं कि वह अपनी इच्छा के अनुसार राजनीति कर सकते हैं और राजनीतिक स्थिति को उलट-पलट सकते हैं। वह अपने 41 विधायकों के साथ नई सरकार के भविष्य को अपने हाथों में रखना चाहते हैं। अस्थिर सरकार पर उनकी राजनीति टिकी है, लेकिन उन्होंने वर्तमान राजनीतिक स्थिति की जो तस्वीर पेश की है, वह हास्यास्पद है।
इसने कहा कि पवार के शब्दों को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए, क्योंकि वह कहते कुछ हैं, करते कुछ और हैं, यह उनकी आदत है।
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