
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि उनके भतीजे अजित पवार ने विधायक पद से इस्तीफा क्यों दिया. उन्होंने यह भी कहा कि परिवार के अंदर कोई विवाद नहीं है. पवार ने हालांकि कहा कि अजित के बेटे ने उन्हें बताया कि ED की तरफ से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एनसीपी प्रमुख का नाम लेने पर महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री 'बेचैन' थे. पवार ने पत्रकारों से बातचीत में परिवार के भीतर विवाद की खबरों को भी खारिज किया. उन्होंने कहा, 'कोई विवाद नहीं है. सभी पारिवारिक मामलों में मेरा फैसला अंतिम शब्द होता है.'
उन्होंने कहा, 'जब मैं अजित से मिलूंगा तो उनसे इस फैसले की वजह पूछूंगा.' पवार ने यह भी कहा कि वह एक 'योद्धा' हैं और महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक घोटाले के सिलसिले में उनके खिलाफ दायर धनशोधन मामला लड़ेंगे. पवार ने कहा, 'उन्होंने (अजित पवार) हममें से किसी के साथ भी इस्तीफे के मुद्दे पर चर्चा नहीं की. मेरे पास इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उन्होंने यह फैसला क्यों लिया...उस समय से उनसे संपर्क नहीं हो सका है.' एनसीपी प्रमुख के मुताबिक अजित पवार का स्वभाव जल्दबाजी में निर्णय लेने वाला है.
एनसीपी प्रमुख शरद पवार और अजीत पवार सहित 70 पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज
पवार ने कहा, 'मैंने उनके बेटे से बात की, जिन्होंने मुझे बताया कि उनके पिता बेचैन थे क्योंकि उन्हें लगता था कि उनकी वजह से उनके चाचा का नाम (शरद पवार) को बैंक घोटाले में घसीटा गया जबकि इससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है....' ईडी ने बैंक घोटाले के संबंध में शरद पवार, अजित पवार और 70 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
Video: शरद पवार की सरकार को पटखनी!
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