
महाराष्ट्र के पुलिस प्रशासन में शीर्ष स्तर पर फेरबदल के बीच नया विवाद पैदा हो गया है. पुलिस प्रशासन में वरिष्ठता को नजरअंदाज कर जूनियर अधिकारी को महाराष्ट्र का पुलिस महानिदेशक बनाए जाने के खिलाफ आवाज उठी है.
महाराष्ट्र के वरिष्ठ आईपीएस अफसर संजय पांडेय ने इसको लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखी है. पांडेय ने आरोप लगाया कि हर बार इनकी प्रतिभा और वरीयता को दरकिनार किया गया है. हमेशा पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया गया है. वरिष्ठ होने के वावजूद उन्हें एंटी करप्शन यूनिट का डीजी पद नही दिया गया. फिर पुलिस महानिदेशक का पद रिक्त होने के बाद भी इन्हें कार्यभार नहीं दिया गया.
मुंबई पुलिस कमिश्नर का पद रिक्त होने पर जिम्मेदारी उन्हें देने की बजाय एक जूनियर अफसर को नियुक्ति दे दी गई है.गौरतलब है कि रिलायंस चेयरमैन मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक रखने के मामले में गिरफ्तार पुलिस अफसर सचिन वाजे की गिरफ्तारी के बाद पुलिस कमिश्नर पद से परमबीर सिंह को हटा दिया गया है. उनकी जगह हेमंत नगराले को यह पद दिया गया है. जबकि आईपीएस रजनीश सेठ को महाराष्ट्र के डीजी पद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. जबकि वरिष्ठ आईपीएस संजय पांडेय को महाराष्ट्र राज्य सुरक्षा निगम का प्रमुख बनाया गया.
परमबीर सिंह को होमगार्ड विभाग भेज दिया गया है. पांडेय ने पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह पर भी एक मामले की जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है. उन्होंने परमबीर सिंह के काम काज पर भी सवाल उठाया है.मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वाजे को 13 मार्च को गिरफ्तार किया गया था. वाजे मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच की अपराध खुफिया इकाई के प्रमुख थे. अंबानी के घर विस्फोटक के केस, टीआरपी स्कैम समेत कई प्रमुख केस उनके हवाले किए गए थे. इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं.
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