
मुंबई:
वीआईपी लोगों की सुरक्षा में बड़ी संख्या में लगे पुलिसवालों पर देश में चल रही बहस ने असर दिखाना शुरू कर दिया है और इसका पहला असर पड़ा है अभिनेताओं पर।
मुंबई पुलिस कमिश्नर ने अभिनेताओं की सुरक्षा की समीक्षा के आदेश दिए हैं यानी जिन फिल्मी हस्तियों को खतरा नहीं हैं उनकी सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों को हटा लिया जाएगा। जबकि कुछ सितारों की सुरक्षा में लगे पुलिसवालों की संख्या घटाई जाएगी।
करोड़ों कमाने वाले फिल्मी सितारों की सुरक्षा अब सवालों में है क्योंकि मुंबई पुलिस कह रही है कि वह समीक्षा करेगी कि किसको सच में खतरा है।
पुलिस जिनकी सुरक्षा वापस लेने पर विचार कर रही है उनमें कई प्रोडूसर और निदेशक शामिल हैं। यानि पुलिस तामझाम की ड्यूटी से काम की ड्यूटी पर लौटेगी।
मुंबई में फिल्मी दुनिया का एक बड़ा तबका है जो अंडर वर्ल्ड के निशाने पर रहा है। लेकिन वह 90 का दशक था जब माफिया फिल्म वालों से उगाही करता था। तब के खतरे के नाम पर सरकारी सुरक्षा देने का सिलसिला लगातार चलता रहा है। पुलिस कह रही है अब हालात बदल चुके हैं इसलिए सुरक्षा के कायदे भी बदलेंगे।
कई बार देखा यह जाता है कि किसी नेता या सेलिब्रिटी की पहचान उसके काम से ज़्यादा उसके आगे पीछे दौड़ते रखवालों से ज़्यादा होती है। उम्मीद है कि इस क़दम से तामझाम का तनाव पुलिस से हटेगा और शहर में सुरक्षा का अहसास कुछ बढ़ेगा।
मुंबई पुलिस कमिश्नर ने अभिनेताओं की सुरक्षा की समीक्षा के आदेश दिए हैं यानी जिन फिल्मी हस्तियों को खतरा नहीं हैं उनकी सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों को हटा लिया जाएगा। जबकि कुछ सितारों की सुरक्षा में लगे पुलिसवालों की संख्या घटाई जाएगी।
करोड़ों कमाने वाले फिल्मी सितारों की सुरक्षा अब सवालों में है क्योंकि मुंबई पुलिस कह रही है कि वह समीक्षा करेगी कि किसको सच में खतरा है।
पुलिस जिनकी सुरक्षा वापस लेने पर विचार कर रही है उनमें कई प्रोडूसर और निदेशक शामिल हैं। यानि पुलिस तामझाम की ड्यूटी से काम की ड्यूटी पर लौटेगी।
मुंबई में फिल्मी दुनिया का एक बड़ा तबका है जो अंडर वर्ल्ड के निशाने पर रहा है। लेकिन वह 90 का दशक था जब माफिया फिल्म वालों से उगाही करता था। तब के खतरे के नाम पर सरकारी सुरक्षा देने का सिलसिला लगातार चलता रहा है। पुलिस कह रही है अब हालात बदल चुके हैं इसलिए सुरक्षा के कायदे भी बदलेंगे।
कई बार देखा यह जाता है कि किसी नेता या सेलिब्रिटी की पहचान उसके काम से ज़्यादा उसके आगे पीछे दौड़ते रखवालों से ज़्यादा होती है। उम्मीद है कि इस क़दम से तामझाम का तनाव पुलिस से हटेगा और शहर में सुरक्षा का अहसास कुछ बढ़ेगा।
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