जयपुर:
कांग्रेस ने शनिवार को राहुल गांधी को पार्टी का उपाध्यक्ष नियुक्त किया। उन्हें लोकसभा चुनाव से करीब 16 महीने पहले ऐसे समय में पार्टी में नंबर दो की जिम्मेदारी सौंपी गई है जब भाजपा में प्रधानमंत्री पद को लेकर नरेंद्र मोदी के नाम पर चर्चा जोर शोर से चल रही है।
तैतालिस वर्षीय राहुल को आज कांग्रेस के चिंतन शिविर के समापन पर पार्टी के नंबर दो के तौर पर काबिज किया गया है।
पार्टी के मीडिया प्रभारी और महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने यहां शिविर स्थल पर संवाददाताओं से कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता एके एंटनी ने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में राहुल को उपाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा। कार्यसमिति ने तत्काल इस प्रस्ताव का समर्थन किया।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 24 सितंबर, 2007 को राहुल को पार्टी महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी थी। इससे करीब तीन साल पहले उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया था और वह अमेठी से लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। इस सीट से पहले राजीव गांधी भी लोकसभा में प्रतिनिधित्व करते थे।
राहुल को पार्टी में युवक कांग्रेस और कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई की जिम्मेदारी भी सौंपी गयी थी।
हालांकि द्विवेदी ने आज राहुल को उपाध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में पार्टी का नेतृत्व कौन करेगा और चुनावों में राहुल की भूमिका क्या होगी, इस बारे में बाद में फैसला किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव और प्रचार संबंधी सभी फैसले बाद में किये जाएंगे। द्विवेदी के इन बयानों को इन खबरों की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव राहुल बनाम मोदी हो सकते हैं।
राहुल कांग्रेस के तीसरे उपाध्यक्ष होंगे। इससे पहले 1986 में तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष राजीव गांधी ने अजरुन सिंह को और 1997 में तत्कालीन अध्यक्ष सीताराम केसरी ने जितेंद्र प्रसाद को यह जिम्मेदारी सौंपी थी। द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने सबसे प्रभावशाली और स्वीकार्य नेता में आस्था जताई है जिसमें पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं की भावना झलकती है।
उन्होंने बताया कि कार्यसमिति की बैठक में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के उद्घाटन भाषण के तत्काल बाद एंटनी ने राहुल को उपाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा। अब राहुल गांधी को औपचारिक तौर पर कांग्रेस में नंबर दो का दर्जा मिल गया है।
द्विवेदी ने कहा कि यह फैसला पार्टी को और पार्टी अध्यक्ष के भी हाथों को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एकमात्र पार्टी है जिसमें पूरे भारत का चेहरा दिखाई देता है और यह समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करती है।
कांग्रेस कार्यसमिति का फैसला कांग्रेस महासमिति की कल होने वाली बैठक की पूर्वसंध्या पर आया है जिसमें इस निर्णय की सराहना हो सकती है।
तैतालिस वर्षीय राहुल को आज कांग्रेस के चिंतन शिविर के समापन पर पार्टी के नंबर दो के तौर पर काबिज किया गया है।
पार्टी के मीडिया प्रभारी और महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने यहां शिविर स्थल पर संवाददाताओं से कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता एके एंटनी ने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में राहुल को उपाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा। कार्यसमिति ने तत्काल इस प्रस्ताव का समर्थन किया।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 24 सितंबर, 2007 को राहुल को पार्टी महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी थी। इससे करीब तीन साल पहले उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया था और वह अमेठी से लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। इस सीट से पहले राजीव गांधी भी लोकसभा में प्रतिनिधित्व करते थे।
राहुल को पार्टी में युवक कांग्रेस और कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई की जिम्मेदारी भी सौंपी गयी थी।
हालांकि द्विवेदी ने आज राहुल को उपाध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में पार्टी का नेतृत्व कौन करेगा और चुनावों में राहुल की भूमिका क्या होगी, इस बारे में बाद में फैसला किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव और प्रचार संबंधी सभी फैसले बाद में किये जाएंगे। द्विवेदी के इन बयानों को इन खबरों की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव राहुल बनाम मोदी हो सकते हैं।
राहुल कांग्रेस के तीसरे उपाध्यक्ष होंगे। इससे पहले 1986 में तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष राजीव गांधी ने अजरुन सिंह को और 1997 में तत्कालीन अध्यक्ष सीताराम केसरी ने जितेंद्र प्रसाद को यह जिम्मेदारी सौंपी थी। द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने सबसे प्रभावशाली और स्वीकार्य नेता में आस्था जताई है जिसमें पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं की भावना झलकती है।
उन्होंने बताया कि कार्यसमिति की बैठक में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के उद्घाटन भाषण के तत्काल बाद एंटनी ने राहुल को उपाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा। अब राहुल गांधी को औपचारिक तौर पर कांग्रेस में नंबर दो का दर्जा मिल गया है।
द्विवेदी ने कहा कि यह फैसला पार्टी को और पार्टी अध्यक्ष के भी हाथों को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एकमात्र पार्टी है जिसमें पूरे भारत का चेहरा दिखाई देता है और यह समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करती है।
कांग्रेस कार्यसमिति का फैसला कांग्रेस महासमिति की कल होने वाली बैठक की पूर्वसंध्या पर आया है जिसमें इस निर्णय की सराहना हो सकती है।
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