
राहुल गांधी को भी घेरा
नई दिल्ली:
कांग्रेस की लगातार आलोचनाओं के बीच राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ (आरएसएस) ने शुक्रवार को कहा कि वह किसी को भी अपना विरोधी नहीं मानता और वह राष्ट्रीय हित के लिए काम करता है. आरएसएस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने यह बात संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक पर संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कही. यहां राघवेन्द्र मठ में शुरू हुई बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत और भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह मौजूद थे. संघ ने एक बयान जारी करके कहा कि आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारी सदस्य तथा इससे संबद्ध संगठनों के राष्ट्रीय पदाधिकारी बैठक में शामिल हो रहे हैं जहां समसामयिक मुद्दों पर चर्चा होगी. बैठक में भाग ले रहे कम से कम 200 कार्यकर्ता इसमें अपने अनुभव, दृष्टिकोण और उपलब्धियां साझा करेंगे.
आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरूण कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि संघ किसी के भी साथ अपने विरोधी के तौर पर बर्ताव नहीं करता. यह पूरे समाज को राष्ट्र हित के लिए संगठित करने के लिए कार्य करता है।. उनसे कांग्रेस तथा उसके अध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से लगातार संघ की आलोचनाओं के बारे में पूछा गया था. आरएसएस ने संकेत दिए हैं कि वह भागवत के तीन दिवसीय व्याख्यान माला में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को बुला सकते हैं जिनमें राहुल गांधी और सीताराम येचुरी भी शामिल हैं.
बैठक के एजेंड़े के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह बेहतर समन्वय पर केन्द्रित है और साल में दो बार सितंबर और जनवरी में आयोजित होती है. उन्होंने बताया कि इसमें कोई खास निर्णय नहीं लिया जाता. बैठक को राघवेन्द्र मठ के प्रमुख स्वामी सुबुदेन्द्र तीर्थ ने भी संबोधित किया. उन्होंने कहा कि हम सब के प्रयासों से हिंदू समाज में जागरुकता आएगी और हिंदू धर्म अपना सम्मानित स्थान पा सकेगा. (इनपुट भाषा से)
आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरूण कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि संघ किसी के भी साथ अपने विरोधी के तौर पर बर्ताव नहीं करता. यह पूरे समाज को राष्ट्र हित के लिए संगठित करने के लिए कार्य करता है।. उनसे कांग्रेस तथा उसके अध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से लगातार संघ की आलोचनाओं के बारे में पूछा गया था. आरएसएस ने संकेत दिए हैं कि वह भागवत के तीन दिवसीय व्याख्यान माला में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को बुला सकते हैं जिनमें राहुल गांधी और सीताराम येचुरी भी शामिल हैं.
बैठक के एजेंड़े के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह बेहतर समन्वय पर केन्द्रित है और साल में दो बार सितंबर और जनवरी में आयोजित होती है. उन्होंने बताया कि इसमें कोई खास निर्णय नहीं लिया जाता. बैठक को राघवेन्द्र मठ के प्रमुख स्वामी सुबुदेन्द्र तीर्थ ने भी संबोधित किया. उन्होंने कहा कि हम सब के प्रयासों से हिंदू समाज में जागरुकता आएगी और हिंदू धर्म अपना सम्मानित स्थान पा सकेगा. (इनपुट भाषा से)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं