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This Article is From May 08, 2017

शर्मनाक : NEET परीक्षा में चेकिंग के नाम पर छात्राओं के अंत:वस्त्र तक उतरवाए

मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की हसरत रखने वाले कई छात्र - छात्राओं को नीट में शामिल होने के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में अजीबो-गरीब स्थिति का सामना करना पड़ा. कई परीक्षार्थी नए नियमों से उहापोह में थे. उनसे अंत:वस्त्र उतारने, कमीज की बाजू काटने, नाक - कान के आभूषण उतारने को कहा गया. हालांकि, सीबीएसई ने अजीबो-गरीब नियमों को लेकर अब तक किसी कार्रवाई का आदेश नहीं दिया है. वहीं, सीबीएसई अध्यक्ष को किए गए फोन कॉल और मोबाइल फोन से भेजे गए संदेश का कोई जवाब नहीं मिला.

शर्मनाक : NEET परीक्षा में चेकिंग के नाम पर छात्राओं के अंत:वस्त्र तक उतरवाए
सीबीएसई ने अजीबो-गरीब नियमों को लेकर अब तक किसी कार्रवाई का आदेश नहीं दिया है.
नई दिल्ली: मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की हसरत रखने वाले कई छात्र - छात्राओं को नीट (NEET) में शामिल होने के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में अजीबो-गरीब स्थिति का सामना करना पड़ा. कई परीक्षार्थी नए नियमों से उहापोह में थे. उनसे अंत:वस्त्र उतारने, कमीज की बाजू काटने, नाक - कान के आभूषण उतारने को कहा गया. हालांकि, सीबीएसई ने अजीबो-गरीब नियमों को लेकर अब तक किसी कार्रवाई का आदेश नहीं दिया है. वहीं, सीबीएसई अध्यक्ष को किए गए फोन कॉल और मोबाइल फोन से भेजे गए संदेश का कोई जवाब नहीं मिला.

केरल के कन्नूर स्थित एक परीक्षा केंद्र में 18 वर्षीय एक लड़की ने आरोप लगाया कि उससे प्रवेश परीक्षा में बैठने से पहले अपने अत:वस्त्र उतारने को कहा गया. एक अन्य अभ्यार्थी से उसकी जीन्स पर लगे धातु के बटन हटाने को कहा गया.

तिरुअनंतपुरम से प्राप्त खबर के मुताबिक छात्रा की मां ने बताया, "मेरी बेटी परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने के बाद बाहर आई और अपना अंत:वस्त्र मुझे सौंप दिया. उसने बताया कि उसे सीबीएसई ड्रेस कोड के मुताबिक इसे उतारने के लिए कहा गया है." उन्होंने आरोप लगाया कि एक 'मेटल डिटेक्टर टेस्ट' में बीप की आवाज आने के बाद निरीक्षक ने उनकी बेटी को यह वस्त्र उतारने का निर्देश था. दरअसल, उसमें धातु का बना एक हुक लगा हुआ था जिसके चलते जांच में 'बीप' की आवाज आई. केरल महिला आयोग ने जांच का आदेश दिया है. वहीं, कन्नूर जिला पुलिस प्रमुख जी शिव विक्रम ने कहा कि यदि माता पिता या लड़की ने शिकायत दर्ज कराई तो इस सिलसिले में एक मामला दर्ज किया जाएगा. यह मुद्दा राज्य विधानसभा में भी गूंजा.

वहीं, पूरी बाजू की कमीज पहने कई छात्रों से कहा गया कि सिर्फ आधी बाजू की कमीज पहन कर ही परीक्षा भवन में जाने की इजाजत है. इसके चलते उनके पास कोई चारा नहीं बचा. उन्हें कैंची से कमीज की बाजू काटने के लिए मजबूर होना पड़ा. जो लोग जूते पहन कर आए थे उन्हें इसे उतारना पड़ा और अपने माता पिता की चप्पलें पहननी पड़ी. सीबीएसई ने परीक्षा के लिए नये दिशानिर्देश जारी किए थे जिसके मुताबिक नकल रोकने के लिए सिर्फ जरूरी दस्तावेजों के साथ प्रवेश पत्र लाने को कहा गया था. साथ ही, छात्राओं से कहा गया था कि वे बड़े बटन, बड़ी पिन, उंची एड़ी वाले जूते नहीं पहन कर आएं जबकि जबकि छात्रों को कुर्ता पायजामा, पूरी बाजू की कमीज और जूते पहनने की मनाही थी. एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में दाखिला चाह रहे 11 लाख से अधिक उम्मीदवार देश भर में 1900 से अधिक केंद्रों पर कल राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में शामिल हुए.

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) यह परीक्षा कराता है. बोर्ड ने 103 शहरों में स्थित परीक्षा केंद्रों पर 490 अधिकारी तैनात किए थे. 1,522 प्रवासी भारतीय :एनआरआई: और 613 विदेशी सहित कुल 11,38,890 छात्र परीक्षा में शामिल हुए.
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