
स्वामी ने पीएम को कई पत्र लिखकर रघुराम राजन को पद से हटाने की मांग की थी (फाइल फोटो)
भुवनेश्वर:
रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन को पद से हटाने की मांग करने वाले बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने शनिवार को कहा कि राजन का दूसरा कार्यकाल स्वीकार नहीं करने का फैसला सही है क्योंकि उन्हें एहसास हो गया था कि उन्हें एक और मौका नहीं मिलेगा।
राजन के दूसरा कार्यकाल स्वीकार नहीं करने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी ने कहा, 'यह (राजन का फैसला) अच्छा है। जो कारण मैंने दिए (राजन को पद से हटाने के बारे में) वह सभी सही हैं। उन्हें एहसास हो गया था कि दूसरा मौका नहीं मिलने वाला है। यही वजह है कि उन्होंने खुद ही बयान दे डाला।'
इससे पहले स्वामी ने कहा था कि रिजर्व बैंक का प्रमुख एक सरकारी कर्मचारी है और उसका चुनाव लोकप्रियता के आधार पर नहीं हो सकता है। स्वामी को हाल ही में राज्यसभा सदस्य बनाया गया है। स्वामी ने राजन को हटाने के लिए पिछले कुछ दिन से अभियान छेड़ा हुआ था।
'लोकप्रियता के आधार पर सरकारी कर्मचारी का चयन नहीं'
उन्होंने कहा 'रघुराम राजन भारत सरकार के कर्मचारी हैं। हम कर्मचारियों का चयन लोकप्रियता के आधार पर नहीं करते।' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे कई पत्रों में स्वामी ने राजन को यह कहते हुए पद से हटाने की मांग की थी कि वह मानसिक रूप से पूरी तरह भारतीय नहीं हैं और वे गोपनीय तथा संवदेनशील वित्तीय सूचनाएं विश्वभर में भेजते हैं।
राजन ने शनिवार को रिजर्व बैंक के कर्मचारियों को लिखे पत्र में कहा कि वह चार सितंबर को केंद्रीय बैंक के प्रमुख के तौर पर उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद शिकागो लौट जाएंगे और शैक्षिक गतिविधियों से जुड़ेंगे।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
राजन के दूसरा कार्यकाल स्वीकार नहीं करने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी ने कहा, 'यह (राजन का फैसला) अच्छा है। जो कारण मैंने दिए (राजन को पद से हटाने के बारे में) वह सभी सही हैं। उन्हें एहसास हो गया था कि दूसरा मौका नहीं मिलने वाला है। यही वजह है कि उन्होंने खुद ही बयान दे डाला।'
R3 has said he will go back to US. Whatever figleaf he wants for hiding the reality we should not grudge it. Say good bye!
— Subramanian Swamy (@Swamy39) June 18, 2016
इससे पहले स्वामी ने कहा था कि रिजर्व बैंक का प्रमुख एक सरकारी कर्मचारी है और उसका चुनाव लोकप्रियता के आधार पर नहीं हो सकता है। स्वामी को हाल ही में राज्यसभा सदस्य बनाया गया है। स्वामी ने राजन को हटाने के लिए पिछले कुछ दिन से अभियान छेड़ा हुआ था।
'लोकप्रियता के आधार पर सरकारी कर्मचारी का चयन नहीं'
उन्होंने कहा 'रघुराम राजन भारत सरकार के कर्मचारी हैं। हम कर्मचारियों का चयन लोकप्रियता के आधार पर नहीं करते।' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे कई पत्रों में स्वामी ने राजन को यह कहते हुए पद से हटाने की मांग की थी कि वह मानसिक रूप से पूरी तरह भारतीय नहीं हैं और वे गोपनीय तथा संवदेनशील वित्तीय सूचनाएं विश्वभर में भेजते हैं।
राजन ने शनिवार को रिजर्व बैंक के कर्मचारियों को लिखे पत्र में कहा कि वह चार सितंबर को केंद्रीय बैंक के प्रमुख के तौर पर उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद शिकागो लौट जाएंगे और शैक्षिक गतिविधियों से जुड़ेंगे।
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