रायपुर:
छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी ने वरिष्ठ नेता और सांसद रमेश बैस ने कहा है कि बराबरी या बड़े लोगों के साथ बलात्कार समझ में आता है, लेकिन बच्चों के साथ ऐसा किया जाना जघन्य अपराध है और इन्हें फांसी पर लटका देना चाहिए।
रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बैस ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा, यदि बराबरी या बड़े लोगों के साथ बलात्कार होता है, तब समझ में आता है, लेकिन नाबालिग बच्चियों के साथ ऐसी वारदात जघन्य अपराध है। इनको तो फांसी पर लटका देना चाहिए। इनके खिलाफ कठोर कदम उठाना चाहिए।
बीजेपी सांसद ने कहा कि कांकेर जैसी घटनाएं कई जगहों पर होती रहती हैं, लेकिन मामला प्रकाश में नहीं आ पाता है। कांकेर में जो घटना घटी है, वह बहुत ही दंडनीय अपराध है। उन्हें माफ नहीं करना चाहिए और जांच कर सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल अधिकारियों को निलंबित या बर्खास्त कर देने से बच्चियों की जिंदगी और इज्जत वापस नहीं मिल सकती है। दिल्ली में घटना होने के बाद पूरा विश्व आज इस विषय पर सोचने पर मजबूर हो गया है। कांकेर की घटना छत्तीसगढ़ के लिए शर्म की बात है।
बैस ने कहा कि कांकेर में लंबे समय से यह होता रहा और अधिकारियों को भी इस बारे में जानकारी नहीं मिली, इससे लगता है कि इसमें अधिकारियों की भी मिलीभगत है। ऐसे अधिकारियों को भी कठोर से कठोर सजा मिलनी चाहिए। इधर राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने कहा है कि इस तरह का अपराध, चाहे वह किसी के भी साथ हो, वह जघन्य है। बैस को ऐसे बयान नहीं देना चाहिए।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में रविवार को कन्या छात्रावास में प्राइमरी कक्षा की नौ आदिवासी छात्राओं का यौन शोषण करने का मामला सामने आया था। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने छात्रावास के चौकीदार दीनाराम (23 वर्ष) तथा शिक्षाकर्मी मन्नू राम गोटा (24 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं पुलिस ने मंगलवार को इस मामले में आश्रम अधीक्षिका समेत चार अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बैस ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा, यदि बराबरी या बड़े लोगों के साथ बलात्कार होता है, तब समझ में आता है, लेकिन नाबालिग बच्चियों के साथ ऐसी वारदात जघन्य अपराध है। इनको तो फांसी पर लटका देना चाहिए। इनके खिलाफ कठोर कदम उठाना चाहिए।
बीजेपी सांसद ने कहा कि कांकेर जैसी घटनाएं कई जगहों पर होती रहती हैं, लेकिन मामला प्रकाश में नहीं आ पाता है। कांकेर में जो घटना घटी है, वह बहुत ही दंडनीय अपराध है। उन्हें माफ नहीं करना चाहिए और जांच कर सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल अधिकारियों को निलंबित या बर्खास्त कर देने से बच्चियों की जिंदगी और इज्जत वापस नहीं मिल सकती है। दिल्ली में घटना होने के बाद पूरा विश्व आज इस विषय पर सोचने पर मजबूर हो गया है। कांकेर की घटना छत्तीसगढ़ के लिए शर्म की बात है।
बैस ने कहा कि कांकेर में लंबे समय से यह होता रहा और अधिकारियों को भी इस बारे में जानकारी नहीं मिली, इससे लगता है कि इसमें अधिकारियों की भी मिलीभगत है। ऐसे अधिकारियों को भी कठोर से कठोर सजा मिलनी चाहिए। इधर राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने कहा है कि इस तरह का अपराध, चाहे वह किसी के भी साथ हो, वह जघन्य है। बैस को ऐसे बयान नहीं देना चाहिए।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में रविवार को कन्या छात्रावास में प्राइमरी कक्षा की नौ आदिवासी छात्राओं का यौन शोषण करने का मामला सामने आया था। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने छात्रावास के चौकीदार दीनाराम (23 वर्ष) तथा शिक्षाकर्मी मन्नू राम गोटा (24 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं पुलिस ने मंगलवार को इस मामले में आश्रम अधीक्षिका समेत चार अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
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