
केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख रामविलास पासवान ने बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के प्रति खुलकर समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पूर्ववर्ती नीतीश कुमार और लालू प्रसाद ने उन्हें अपने अधिकारों के इस्तेमाल की स्वतंत्रता नहीं दी, जिसके कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति में गिरावट आने से बिहार में 'संवैधानिक संकट' उत्पन्न हो गया है।
रामविलास पासवान ने कहा, मांझी दलित हैं और वे मेरे भाई समान हैं। हम उन्हें कैसे छोड़ सकते हैं? उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हम मांझी के साथ हैं।
पासवान ने बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि यहां सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं है, पर इसके लिए मांझी जिम्मेदार नहीं हैं, क्योंकि उन्हें स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने की अनुमति नहीं मिली।
पासवान ने आरोप लगाया कि नीतीश ने मांझी को अपना उत्तराधिकारी (मुख्यमंत्री) यह सोचकर बनाया था कि वह उनकी कठपुतली के तौर पर काम करेंगे पर ऐसा हुआ नहीं, क्योंकि मांझी ने उनकी छाया से निकलकर निर्णय लेना शुरू कर दिया।
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